Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Sep, 2026 03:33 PM

अजमेर। अजमेर दरगाह से जुड़े नाजिम बिलाल खान और सहायक नाजिम आदिल पर आमजन को कथित रूप से धमकाने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा राजस्थान के...
अजमेर। अजमेर दरगाह से जुड़े नाजिम बिलाल खान और सहायक नाजिम आदिल पर आमजन को कथित रूप से धमकाने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा राजस्थान के पदाधिकारी अजमेर के सर्किट हाउस पहुंचे। मोर्चा पदाधिकारियों ने मामले को लेकर केंद्रीय मंत्रालय से आए अधिकारियों को ज्ञापन देने का प्रयास किया।
पूर्व प्रदेश महामंत्री अब्दुल वाहिद सहित भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी सर्किट हाउस की नई बिल्डिंग में पहुंचे। बताया गया कि केंद्रीय मंत्रालय से आए अधिकारी विकास मोहन और राकेश को ज्ञापन सौंपकर दरगाह से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की जानकारी देने और जांच की मांग करने की तैयारी थी।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, नाजिम और सहायक नाजिम के खिलाफ आमजन के साथ कथित रूप से धमकाने वाला रवैया अपनाने और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि इन्हीं शिकायतों को लेकर केंद्रीय स्तर के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के लिए ज्ञापन देने पहुंचे थे।
अधिकारी के नदारद मिलने पर नाराजगी
सर्किट हाउस पहुंचने के बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से मुलाकात करने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर अधिकारी विकास मोहन के मौजूद नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पदाधिकारी नाराज नजर आए। पदाधिकारियों ने कहा कि वे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में अपनी बात अधिकारियों के सामने रखना चाहते थे, लेकिन संबंधित अधिकारी के मौके पर नहीं मिलने से उन्हें निराशा हुई।
मोर्चा पदाधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनका कहना है कि यदि नाजिम और सहायक नाजिम के खिलाफ लगाए गए आरोपों में तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से दरगाह प्रशासन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और आमजन के साथ व्यवहार से संबंधित शिकायतों की जांच कराने की मांग की गई है। पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की मांग रखी।
वहीं, मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
मामले को लेकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह दरगाह प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच चाहता है। पदाधिकारियों ने संबंधित मंत्रालय और प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।