पुलिस ने मुझ पर उदयपुर छोड़ने का दबाव बनाया: भाजपा सांसद मीणा

Edited By PTI News Agency, Updated: 13 May, 2022 12:20 AM

pti rajasthan story

जयपुर, 12 मई (भाषा) उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर से एक दिन पहले भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने उन पर उदयपुर छोड़ने का दबाव बनाया।

जयपुर, 12 मई (भाषा) उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर से एक दिन पहले भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने उन पर उदयपुर छोड़ने का दबाव बनाया।

पुलिस अधिकारियों के साथ एक गाड़ी में मीणा बृहस्पतिवार शाम ब्यावर (अजमेर) पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह पुष्कर में एक साधना शिविर में शामिल होंगे और अगर पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी तो वह धरना देंगे।

भाजपा नेता मीणा बुधवार रात उदयपुर पहुंचे थे। इसके बाद मीणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि वह उदयपुर में एक शोक सभा में शामिल होने आए थे और 14 मई को धारियावाद में एक आदिवासी सम्मेलन में भी उन्हें आमंत्रित किया गया है लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें होटल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस होटल में वह ठहरे हैं, उसके बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मीणा ने कहा, ‘‘मुझ पर (उदयपुर) छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके पास अपने उच्च अधिकारियों से आदेश है, लेकिन मुझे आदेश नहीं दिखा सके।”
उदयपुर छोड़ने के लिए कहने पर उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘पुलिस का यह कृत्य को लोकतंत्र की हत्या है।’’
उल्लेखनीय है कि उदयपुर में शुक्रवार से कांग्रेस का तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर शुरू हो रहा है।
पुलिस द्वारा मीणा को उदयपुर से जयपुर की तरफ ले जाया गया। वह ब्यावर (अजमेर) में रुके जहां उन्होंने एक और वीडियो बयान जारी कर कहा कि वह कल पुष्कर (अजमेर) में शंकराचार्य के एक साधना शिविर में शामिल होंगे और अगर पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी तो वह धरना देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां और प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ को मामले की जानकारी दी है।”
मीणा ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का ध्यान आकर्षित करने के लिए उदयपुर में एक प्रेस वार्ता करना चाहते हैं कि उदयपुर में जिस होटल में चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है वह अवैध है और गहलोत सरकार ने होटल को नियमों का उल्लंघन कर मंजूरी दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह राजस्थान में कांग्रेस के शासन में कानून व्यवस्था और महिलाओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाना चाहते थे।

मीणा ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस अधिकारियों ने वाहन में उनके साथ यात्रा की।

उन्होंने कहा कि उन्हें राजसमंद में श्रीनाथ मंदिर जाने की भी अनुमति नहीं दी गई। मीणा ने कहा कि वह पुष्कर में तीन दिवसीय साधना शिविर में शामिल होना चाहते हैं लेकिन पुलिस उन्हें वहां भी जाने से रोक रही है।

मीणा ने कहा, ‘‘मुझे पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं आज रात अजमेर में रहूंगा। अगर पुलिस ने मुझे कल पुष्कर जाने से रोका तो धरना दूंगा।”


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!