भीलवाड़ा में सिंचाई विभाग का बड़ा खेल? अधूरे काम का पूरा भुगतान, ग्रामीणों ने खोली पोल

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 08 Jun, 2026 04:13 PM

major scam by the irrigation department in bhilwara

भीलवाड़ा के निंबाहेड़ा खुर्द में सिंचाई विभाग के निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधूरे और घटिया निर्माण के बावजूद पूरा भुगतान कर दिया गया। कंक्रीट, सरिया और गुणवत्ता में भारी अनियमितताओं को लेकर जांच की मांग तेज हो गई...

भीलवाड़ा । जिले के बनेड़ा उपखण्ड क्षेत्र में स्थित निंबाहेड़ा खुर्द में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे वेस्ट वियर एवं स्लूइस निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, इसके बावजूद अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से कार्य का पूरा भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण स्थल पर कई कार्य अधूरे पड़े हैं तथा गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान जारी किए जाने से भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है। सूत्रों के मुताबिक निर्माण कार्य की तकनीकी जांच होने पर कई खामियां उजागर हो सकती हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय मिलीभगत का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।

कंक्रीट में भारी घोटाला।
तालाब के चादर (रपट) पर कंक्रीट में भारी लीपापोती देखने को मिली वहां पर किए गए निर्माण कार्य में कंक्रीट का नामोनिशान तक देखें को नहीं मिल रहा है। मलबा पत्थर मिट्टी डाल कर ऊपर केवल खानापूर्ति के लिए सीमेंट व रेत डाल कर मेजरमेंट कर पैसा उठाया गया। इस खानापूर्ति के कारण एक बारिश में ही कंक्रीट टूट गई है।  ऊपर की सतह पर कंक्रीट की वाल की चौड़ाई अधिक दिखाई गई है ताकि मेजरमेंट कर पूरा पैसा उठाया जा सके। ग्रामीणों ने इसमें साइड इंजीनियर की मिलीभगत के आरोप लगाए है। 

पुरानी स्टोन मैसेनरी वॉल पर प्लास्टर कर नई दिखाई ।
तालाब की रपट पर पुरानी स्टोन मैसेनरी वॉल बनी हुई थी उन्हीं वॉल्स पर प्लास्टर कर उसका भी पैसा उठा लिया गया। पिछले वर्ष हुई बारिश में वह भी टूट चुकी है। इससे सिंचाई विभाग में निर्माण कार्य व रिपेरिंग कार्यों की गुणवत्ता में भारी खामी सामने आ रही है इसके लिए स्थानीय निवासियों ने सीधे तौर पर अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बगैर अधिकारियों की मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण कार्य संभव नहीं है। 

स्टील की भारी मात्रा में चोरी।
तालाब की रपट पर पुरानी कंक्रीट के पीछे खानापूर्ति कर पैसा लूटने की नियत से आरसीसी वाल बनाई गई जिसमें 486 किलों स्टील सरिया डालना था लेकिन संवेदक ने खानापूर्ति कर 10 एमएम का सरिया लगाया वह भी बमुश्किल 50 से 100 किलो के बीच में होगा।   इनका कहना है। इसमें पाइप लगवाने है एक पाइप का कार्य मानसून से पहले करवा दिया जाएगा।

 

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