राजस्थान में RGHS पर बड़ी कार्रवाई: सीकर के 7 डॉक्टर निलंबित, भरतपुर-बीकानेर में FIR की तैयारी

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 15 Feb, 2026 02:23 PM

major action against rghs in rajasthan

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई। सीकर में 7 डॉक्टर निलंबित, भरतपुर और बीकानेर में फर्जी क्लेम पर FIR की तैयारी। सरकार ने पहले भी करोड़ों की वसूली की है।

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि ऑडिट में गड़बड़ियां सामने आने के बाद सीकर जिले में पदस्थ सात चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही भरतपुर के एक निजी अस्पताल और बीकानेर के एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


सीकर में मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थानों से जुड़े सात चिकित्सकों पर कार्रवाई की गई है। निलंबित डॉक्टरों में: डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, डॉ. सुनील कुमार ढाका, डॉ. मुकेश वर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़, डॉ. सुनील शर्मा शामिल 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना के तहत क्लेम और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

भरतपुर स्थित भरतपुर नर्सिंग होम और कशिश फार्मेसी पर लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम लेने का आरोप है। जांच में सामने आया कि अस्पताल ने आरजीएचएस में अनुमोदित न होने के बावजूद बोर्ड लगाकर योजना का लाभ देने का दावा किया।

मरीजों के एसएसओ आईडी और पासवर्ड लेकर पोर्टल पर फर्जी एडजस्टमेंट कर भुगतान लिया गया। संबंधित अस्पताल को पहले ही डी-एम्पेनल किया जा चुका है।

वहीं बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर पर जरूरत से ज्यादा जांचें लिखने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। कुछ मामलों में चिकित्सकों के नाम और सील भी फर्जी पाए गए।

पहले भी हुई है सख्ती
सरकार ने इससे पहले भी बड़ी कार्रवाई की है:
19 एफआईआर दर्ज
64 कार्मिक निलंबित
500 कार्ड ब्लॉक

करीब 2 करोड़ रुपये की वसूली लाभार्थियों से 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 का भुगतान रोका, 8 अस्पताल डी-एम्पेनल, 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल, 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक, 5 करोड़ से अधिक की वसूली सरकार का कहना है कि योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

RGHS जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना में अनियमितताओं पर सरकार का सख्त रुख यह संकेत देता है कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के मामलों में अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता और लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।

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