Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 12 Feb, 2026 06:11 PM

कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने देर रात कथित अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खुद सड़क पर उतरकर रुकवा दिया। घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भरतपुर। सर्द रात… घड़ी में 3:30 बजे… शहर गहरी नींद में था, लेकिन सियासत का तापमान अचानक बढ़ गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने देर रात कथित अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खुद सड़क पर उतरकर रुकवा दिया। घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ उस रात?
जानकारी के अनुसार, विश्वेंद्र सिंह मोती महल में पूजा-अर्चना के बाद लौट रहे थे। जैसे ही वे Bharatpur के सर्किट हाउस चौराहे के पास पहुंचे, उनकी नजर खनन सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर पड़ी।
उन्होंने तत्काल CO City को सूचना दी। आरोप है कि करीब 20 मिनट तक मथुरा गेट थाने से कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। यहां तक कि पुलिस कंट्रोल रूम को किए गए दो कॉल भी रिसीव नहीं हुए।
विश्वेंद्र सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“पुलिस की लापरवाही से ही शहर में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।”
सुबह फिर वही नजारा
मामला यहीं शांत नहीं हुआ। सुबह करीब 8 बजे जब वे सेवर थाना क्षेत्र से गुजर रहे थे, तो कथित अवैध खनन से जुड़ी ट्रॉलियां फिर दिखाई दीं। इस बार उन्होंने अपने PSO को सीधे थाने भेजा।
इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और बिना रवन्ना (कागजात) के चल रहे वाहनों को जब्त कर लिया गया।
सेवर थाना प्रभारी सतीश चंद शर्मा के अनुसार,
“ट्रैक्टर-टॉली जब्त कर ली गई है। कागजातों की जांच जारी है। जांच के बाद ही तय होगा कि खनन वैध था या अवैध।”
कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल
विश्वेंद्र सिंह ने डीग और मेवात क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुलिस अपराधियों पर सख्ती करने के बजाय निर्दोष लोगों को परेशान कर रही है।
भरतपुर की यह घटना केवल एक रात का घटनाक्रम नहीं, बल्कि अवैध खनन और पुलिस की जवाबदेही पर चल रही बहस का हिस्सा बन गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला वैध खनन का था या अवैध गतिविधि का।