Edited By Anil Jangid, Updated: 23 Apr, 2026 05:36 PM

प्रतापगढ़ : राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने एक बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान मानसून से पहले चलाया जा रहा है और 15 मई तक जारी रहेगा।
प्रतापगढ़ : राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने एक बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान मानसून से पहले चलाया जा रहा है और 15 मई तक जारी रहेगा। इस अभियान का उद्देश्य जिले में 4,85,500 पशुओं का टीकाकरण करना है, जिसमें गोवंश और भैंसवंश दोनों शामिल हैं।
अब तक एक लाख 20 हजार से अधिक पशुओं को वैक्सीन दी जा चुकी है, और शेष लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए पशुपालन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है ताकि प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
मानसून के दौरान खुरपका-मुंहपका रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इस मौसम में संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है। यही कारण है कि समय रहते टीकाकरण कराना आवश्यक है।
खुरपका-मुंहपका रोग एक अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जो एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैलती है। इसके लक्षणों में बुखार, मुंह और खुरों पर फफोले, मुंह से लार गिरना और चलने में परेशानी शामिल हैं। यह रोग संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने, दूषित चारा-पानी के सेवन या संक्रमित बिछावन के संपर्क से फैलता है।
पशुपालन विभाग का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकेगा और एफएमडी जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव होगा।