महिला कांस्टेबल की संदिग्ध मौत पर छोटीसादड़ी बंद, करणी सेना ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Jun, 2026 03:27 PM

chhoti sadri shutdown over woman constable suspicious death

प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में महिला कांस्टेबल की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर करणी सेना और सर्व समाज के आह्वान पर नगर बंद का आयोजन किया गया। नगर के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद का समर्थन किया और मृतका के परिवार के प्रति...

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में महिला कांस्टेबल की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर करणी सेना और सर्व समाज के आह्वान पर नगर बंद का आयोजन किया गया। नगर के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद का समर्थन किया और मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की मांग को समर्थन दिया। इस दौरान मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई।

 

करणी सेना और सर्व समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने नहीं लाई जाती, तब तक समाज न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले छोटीसादड़ी थाना परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में एक महिला कांस्टेबल मृत अवस्था में मिली थीं। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन घटना के बाद से ही परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच होनी चाहिए ताकि घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकें।

 

इस संबंध में पूर्व में पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने, मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट को जांच प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की प्रताड़ना, दबाव या लापरवाही की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

इधर, नगर बंद के दौरान बाजारों में व्यापक असर देखने को मिला और अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्याय की मांग और पीड़ित परिवार के समर्थन में आयोजित किया गया है।

 

वहीं दूसरी ओर, गंगरार क्षेत्र में पूर्णिमा पर्व के अवसर पर व्यापार मंडल के निर्णय के तहत बाजार बंद रखे गए। हालांकि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर और आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।

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