प्रतापगढ़ पुलिस ने ड्रग कूरियर की 70 लाख की संपत्ति फ्रीज की, ऑपरेशन त्रिनेत्र में 7वीं बड़ी कार्रवाई

Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Jun, 2026 05:25 PM

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प्रतापगढ़: जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नारायणलाल मीणा नामक ड्रग कूरियर की करीब 70 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति को फ्रीज किया। यह वर्ष 2026 में जिले की...

प्रतापगढ़: जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नारायणलाल मीणा नामक ड्रग कूरियर की करीब 70 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति को फ्रीज किया। यह वर्ष 2026 में जिले की सातवीं बड़ी कार्रवाई है और एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ 1 के तहत की गई।

 

प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि अरनोद थाना क्षेत्र के फरेडी गांव निवासी नारायणलाल मीणा एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार आरोपी है। जांच में पता चला कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में कूरियर के रूप में सक्रिय था और अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां बना चुका था।

 

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने फरेडी गांव में 60 लाख रुपए की लागत से एक आलीशान मकान बनवाया और उसके पास 10 लाख रुपए कीमत की एक जीप भी है। कुल मूल्य करीब 70 लाख रुपए आंका गया। अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मकान और वाहन पर फ्रीजिंग बोर्ड लगाया।

 

थानाधिकारी ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को नाकाबंदी के दौरान नारायणलाल मीणा को गिरफ्तार किया गया था, जिसके कब्जे से 2 किलो 708 ग्राम ब्राउन शुगर और 1 किलो 723 ग्राम मिश्रित रसायन बरामद किए गए थे। बाद में यह पता चला कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था और इसी अवैध कारोबार से संपत्ति अर्जित की थी।

 

फ्रीजिंग प्रस्ताव पुलिस द्वारा तैयार कर भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (एफओपी), नई दिल्ली को भेजा गया। सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ फ्रीजिंग नोटिस जारी किए गए। संबंधित विभागों को भी कार्रवाई की जानकारी दे दी गई।

 

पुलिस ने कहा कि इससे पहले मुख्य तस्कर उस्मान खान की लगभग 2 करोड़ 78 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियां भी फ्रीज की जा चुकी हैं। इसमें वाहन, फार्म हाउस, पशुधन और आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।

 

ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस न केवल तस्करों की गिरफ्तारी कर रही है, बल्कि उनके अवैध संपत्ति के जरिये आर्थिक रूप से उन्हें कमजोर करने की रणनीति भी लागू कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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