Edited By Anil Jangid, Updated: 30 Apr, 2026 06:23 PM

कोटा | कोटा के प्रमुख सिटी मॉल में लगी आग के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। यह मॉल जो झालावाड़ रोड पर स्थित है, एहतियात के तौर पर 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। अग्निशमन विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि आग के कारणों का पता...
कोटा | कोटा के प्रमुख सिटी मॉल में लगी आग के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। यह मॉल जो झालावाड़ रोड पर स्थित है, एहतियात के तौर पर 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। अग्निशमन विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि आग के कारणों का पता चल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। आग के बाद मॉल के अंदर फॉल सीलिंग और कांच के टुकड़े बिखरे हुए पाए गए, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
मॉल में आग की घटना के बाद मलबा हर जगह फैला हुआ था, लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के मुताबिक, प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, अग्निशमन उपकरण मौके पर उपलब्ध थे और कार्यरत अवस्था में थे, लेकिन यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आग लगने के बाद ये सिस्टम सक्रिय क्यों नहीं हुए। इस पर विस्तृत जांच की जा रही है।
मॉल के फायर सिस्टम की पूरी जांच के लिए नगर निगम ने दो विशेष फायर टीमों का गठन किया है। इन टीमों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे कोटा शहर की अन्य कमर्शियल और मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स का औचक निरीक्षण करें और जहां कहीं भी फायर सेफ्टी सिस्टम में कोई कमी पाई जाती है, वहां सुधार के लिए नोटिस जारी करें। इस कदम के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।
नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और शहर भर में फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग जैसी घटनाओं से बचाव के उपायों को प्रभावी बनाना है।
इस दौरान, प्रशासन ने मॉल के पुनः खोलने से पहले फायर ऑडिट और सिस्टम की कार्यक्षमता का परीक्षण करने की बात की है।