जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल और पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण, राजस्थान में विकास को नई उड़ान

Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jul, 2026 05:24 PM

jodhpur airport terminal and pachpadra refinery inaugurated

जोधपुर: राजस्थान के लिए 4 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में दो बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया—जोधपुर एयरपोर्ट का नया अत्याधुनिक टर्मिनल और बाड़मेर जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड...

जोधपुर: राजस्थान के लिए 4 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में दो बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया—जोधपुर एयरपोर्ट का नया अत्याधुनिक टर्मिनल और बाड़मेर जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स। इन दोनों परियोजनाओं से राजस्थान में न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है, बल्कि पर्यटन, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में भी नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं।

जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से 37 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह पुराने टर्मिनल की तुलना में लगभग सात गुना बड़ा है और इसकी यात्री क्षमता करीब 20 लाख यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंचने की क्षमता रखती है। इसमें 6 एयरोब्रिज, 20 आधुनिक चेक-इन काउंटर, 3 कन्वेयर बेल्ट, 2 वीआईपी लाउंज और एक एग्जीक्यूटिव लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही यहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाती हैं।

इस टर्मिनल को पर्यावरण अनुकूल डिजाइन के साथ तैयार किया गया है और इसे 5-स्टार ग्रीन रेटिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण में राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी दिखाई देती है, जहां स्थानीय पत्थरों और वीर दुर्गादास तथा अमृता देवी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की झलक को कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाया गया है। इससे यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन केंद्र नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी बन गया है।

दूसरी ओर, पचपदरा में उद्घाटित रिफाइनरी भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। लगभग 79,450 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार की साझेदारी से विकसित की गई है। इसमें एचपीसीएल की 74% और राज्य सरकार की 26% हिस्सेदारी है।

इस रिफाइनरी की सालाना क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है, जबकि यह प्रतिदिन लाखों बैरल ईंधन तैयार करने में सक्षम है। इसके साथ ही यह पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन करेगी, जो प्लास्टिक, टेक्सटाइल, फार्मा और पेंट जैसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल उपलब्ध कराएगा।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और देश को ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेगी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति देगी।

इन दोनों परियोजनाओं ने मिलकर राजस्थान को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। जहां एक ओर जोधपुर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी देगा, वहीं पचपदरा रिफाइनरी देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान करेगी।

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