Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Sep, 2026 07:48 PM

झालावाड़। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुगम बनाने...
झालावाड़। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुगम बनाने तथा आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के लिए निर्धारित दायित्वों का गंभीरता एवं तत्परता से निर्वहन करने तथा आपसी समन्वय से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति का प्रमुख उद्देश्य जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाना तथा दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पुलिस, परिवहन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, स्थानीय निकाय सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित स्थानों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
ब्लैक स्पॉट्स पर प्राथमिकता से हों सुधारात्मक कार्य
जिला कलक्टर ने जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को इन स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट्स का चिन्हीकरण एवं निरीक्षण नियमित रूप से करते हुए दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाए।
स्पीड साइन बोर्ड एवं जागरूकता संदेश लगाने के निर्देश
जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के अधिकारियों को विभिन्न मार्गों पर निर्धारित गति सीमा प्रदर्शित करने वाले पर्याप्त एवं स्पष्ट स्पीड साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से दुर्घटनाओं में मृत एवं घायल व्यक्तियों के छायाचित्र तथा शराब पीकर वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटनाओं से संबंधित जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने वाले साइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए।
सड़कों से शत-प्रतिशत अतिक्रमण हटाने पर जोर
जिला कलक्टर ने जिले के सभी सड़क स्वामित्व वाले विभागों को अपनी-अपनी सड़कों एवं सड़क सीमा क्षेत्र से अतिक्रमण चिन्हित कर शत-प्रतिशत हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है। इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नियमित रूप से जारी रखते हुए सड़क सीमा क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए।
बेसहारा पशुओं एवं शराब की दुकानों के संबंध में भी दिए निर्देश
जिला कलक्टर ने अकतासा, कटफला एवं टोल क्षेत्र सहित दुर्घटना संभावित स्थानों के आसपास सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों एवं राजमार्गों पर बेसहारा पशुओं की मौजूदगी से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए संबंधित विभाग एवं स्थानीय निकाय समन्वय से प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने सड़कों के समीप स्थित शराब की दुकानों के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि शराब का सेवन कर वाहन चलाने जैसी दुर्घटना संभावित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्राप्त सुझावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।