Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Sep, 2026 02:02 PM
जयपुर। जयपुर में नगर निकाय चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम दिया कुमारी के विधानसभा क्षेत्र विद्याधर नगर में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प नजर आ रहा है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मजबूत प्रदर्शन के बाद पार्टी ने यहां सभी 22 वार्डों...
जयपुर। जयपुर में नगर निकाय चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम दिया कुमारी के विधानसभा क्षेत्र विद्याधर नगर में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प नजर आ रहा है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मजबूत प्रदर्शन के बाद पार्टी ने यहां सभी 22 वार्डों में जीत का लक्ष्य रखा है, लेकिन टिकट वितरण के बाद सामने आए बागी उम्मीदवारों ने बीजेपी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। कई वार्डों में बीजेपी के पूर्व पार्षद और वरिष्ठ कार्यकर्ता निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि बागियों के कारण बीजेपी के वोटों में सेंध लगेगी और मुकाबला उसके पक्ष में जा सकता है।
विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 61 हजार 612 मतदाता हैं। इनमें इस बार 9,810 नए युवा मतदाता भी शामिल हैं, जो पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में युवा वोटर कई वार्डों में हार-जीत का समीकरण बदल सकते हैं। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता वार्ड 13 में हैं, जहां करीब 22 हजार 75 मतदाता दर्ज हैं। वहीं वार्ड 15 में सबसे कम 12 हजार 258 मतदाता हैं।
टिकट वितरण के बाद बढ़ा असंतोष
बीजेपी ने विद्याधर नगर के सभी वार्डों में जीत की रणनीति के तहत प्रत्याशियों का चयन किया है। टिकट वितरण में डिप्टी सीएम दिया कुमारी और पार्टी नेता अमित गोयल की सिफारिशों को अहम माना जा रहा है। पार्टी ने अपने कई पसंदीदा कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन इसके बाद कुछ वार्डों में पार्टी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बगावत कर दी।
बताया जा रहा है कि संगठन ने कई नाराज नेताओं को मनाने में सफलता हासिल की है, लेकिन आधा दर्जन से ज्यादा वार्डों में बीजेपी से जुड़े पूर्व पार्षद या वरिष्ठ कार्यकर्ता निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में बने हुए हैं। यही बागी उम्मीदवार बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं।
कांग्रेस को वोट बंटने की उम्मीद
कांग्रेस ने भी इस चुनाव में अपनी रणनीति के तहत स्थानीय और मजबूत चेहरों को मैदान में उतारा है। वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह शेखावत और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के समर्थक कार्यकर्ता कई वार्डों में चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस की नजर खासतौर पर उन वार्डों पर है जहां बीजेपी के बागी उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं। पार्टी का मानना है कि अगर बीजेपी का परंपरागत वोट बागी और आधिकारिक प्रत्याशी के बीच बंटता है, तो इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
जनता के बीच पानी, सीवर और ट्रैफिक सबसे बड़ा मुद्दा
चुनावी माहौल के बीच स्थानीय समस्याएं भी प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती हैं। विद्याधर नगर के कई इलाकों में पेयजल, सीवर, जलभराव और ट्रैफिक की समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
वीकेआई यानी विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के आसपास भारी वाहनों के दबाव के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। सड़कों की स्थिति और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों की शिकायतें हैं।
वहीं विधानसभा क्षेत्र की कई बाहरी कॉलोनियों में नई पेयजल लाइनें बिछाए जाने के बावजूद नियमित पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने की शिकायत सामने आती रही है। पुरानी कॉलोनियों में सीवर लाइनें टूटने और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी चुनावी मुद्दा बनी हुई है।
इन वार्डों पर सबसे ज्यादा नजर
वार्ड 3 में बीजेपी के भवानीशंकर शर्मा और कांग्रेस के छगन कुलदीप के बीच मुकाबला है। यहां पूर्व पार्षद हरिशंकर बोहरा बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में हैं। ऐसे में यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
वार्ड 8 में बीजेपी की सुमन अग्रवाल और कांग्रेस की रुचिका सोनी आमने-सामने हैं। बीजेपी के पूर्व पार्षद दिनेश कांवट की पत्नी मंजू शर्मा के निर्दलीय चुनाव लड़ने से बीजेपी के वोट बैंक में सेंध की संभावना जताई जा रही है।
वार्ड 11 में बीजेपी के शैलेंद्र शर्मा और कांग्रेस के प्रेम सिंह के बीच मुकाबला है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
वार्ड 20 में बीजेपी की डॉ. उदिता सिंह चौहान और कांग्रेस की मोनिका सैनी आमने-सामने हैं। यह वार्ड भी बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।
वार्ड 1 में बीजेपी के श्रवण बोहरा और कांग्रेस के नवरतन शर्मा के बीच मुकाबला है। यहां बीजेपी के बागी छीतरमल शर्मा भी मैदान में हैं।
वहीं वार्ड 19 में बीजेपी के शाहनवाज अंसारी और कांग्रेस के फारुख खान के बीच मुकाबला है। इस वार्ड में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के बागियों की मौजूदगी से चुनावी समीकरण और पेचीदा हो गया है।
22 वार्डों में किसका पलड़ा भारी?
विद्याधर नगर के बाकी वार्डों में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वार्ड 2 में बीजेपी के हनुमान प्रसाद सैनी के सामने कांग्रेस के मनीराज सिंह हैं और बीजेपी के नेमीचंद निर्दलीय मैदान में हैं। वार्ड 5 में बीजेपी के नरेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस के सुमित शर्मा के बीच मुकाबला है, जबकि बीजेपी से जुड़े देवेंद्र निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
वार्ड 10 में बीजेपी की महज 21 वर्षीय प्रत्याशी पलक यादव कांग्रेस की वंदना जाखड़ को चुनौती दे रही हैं। वहीं वार्ड 12 में बीजेपी के राजेंद्र सैनी और कांग्रेस के पंकज सैनी के बीच मुकाबले में निर्दलीय बनवारीलाल भी मैदान में हैं।
वार्ड 22 में बीजेपी के वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस के करणवीर सिंह शेखावत और आम आदमी पार्टी के त्रिलोक पारीक के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
जनता ने साफ कहा- काम चाहिए
चुनाव के बीच स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि इस बार सिर्फ राजनीतिक वादों से काम नहीं चलेगा। जनता पानी, सीवर, सड़क और जलभराव जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहती है।
कुल मिलाकर विद्याधर नगर में बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर से ही सामने आए बागी उम्मीदवार हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस इन बागियों के जरिए वोटों के बंटवारे का फायदा उठाने की कोशिश में है। अब देखना होगा कि दिया कुमारी के प्रभाव और बीजेपी के संगठन की ताकत के सामने बागी उम्मीदवार कितनी बड़ी चुनौती बनते हैं और क्या कांग्रेस इस वोट विभाजन का फायदा उठाकर बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा पाती है।