Edited By Sourabh Dubey, Updated: 29 Oct, 2026 07:54 PM
वेदांता की प्रस्तुति जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने अपने ऐतिहासिक 20वें संस्करण के लिए वक्ताओं की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में नोबेल और पुलित्जर पुरस्कार विजेताओं, प्रतिष्ठित लेखकों, इतिहासकारों, वैज्ञानिकों, पत्रकारों और कला जगत की हस्तियों के...
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2027: वेदांता की प्रस्तुति जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने अपने ऐतिहासिक 20वें संस्करण के लिए वक्ताओं की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में नोबेल और पुलित्जर पुरस्कार विजेताओं, प्रतिष्ठित लेखकों, इतिहासकारों, वैज्ञानिकों, पत्रकारों और कला जगत की हस्तियों के नाम शामिल हैं। पांच दिवसीय यह साहित्यिक महोत्सव 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2027 में साहित्य से विज्ञान तक की हस्तियां होंगी शामिल
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल अपने 20 वर्षों के सफर को खास बनाने की तैयारी में है। इस बार का आयोजन साहित्य, इतिहास, विज्ञान, दर्शन, भू-राजनीति, संस्कृति और समकालीन सामाजिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा का मंच बनेगा। आयोजकों के अनुसार, वक्ताओं की दूसरी सूची में विभिन्न देशों, संस्कृतियों और पीढ़ियों का प्रतिनिधित्व करने वाली हस्तियों को शामिल किया गया है।
फेस्टिवल का उद्देश्य स्थापित साहित्यिक परंपराओं के साथ नए विचारों, बदलते सामाजिक दृष्टिकोण और वैश्विक मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।
नोबेल और पुलित्जर पुरस्कार विजेता भी बनेंगे हिस्सा
वक्ताओं की दूसरी सूची में नोबेल पुरस्कार विजेता आनुवंशिकीविद् और कोशिका-जीवविज्ञानी सर पॉल नर्स का नाम प्रमुख है। वहीं, पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित जीवनीकार बेंजामिन मोज़र और इतिहासकार कैरोलीन एल्किन्स भी फेस्टिवल में शामिल होंगे।
इसके अलावा, मानव-विकास और पुरातत्त्व पर अपने शोध के लिए प्रसिद्ध जैविक मानवविज्ञानी एलिस रॉबर्ट्स, प्राचीन इतिहास के विशेषज्ञ एरिक क्लाइन और कला एवं सांस्कृतिक इतिहास के जानकार नील मैकग्रेगर भी अपने विचार साझा करेंगे।
लेखिका अदानिया शिब्ली, उपन्यासकार क्लेयर मेसड, इतिहासकार स्वेन बेकर्ट और लेखक तबिश ख़ैर जैसे नाम भी इस सूची का हिस्सा हैं।
भारतीय साहित्य और सामाजिक विमर्श पर रहेगा जोर
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 20वें संस्करण में भारतीय साहित्य, बहुभाषी परंपरा और सामाजिक विमर्श को विशेष स्थान दिया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, भारत की प्रमुख भाषाओं के लेखक सत्रों, परिचर्चाओं और साहित्यिक पाठों में भाग लेंगे।
सूची में हंसदा सौवेंद्र शेखर शामिल हैं, जिनका लेखन आदिवासी पहचान और समाज से जुड़े विषयों को सामने लाता है। वहीं, सूरज येंगड़े जाति, नस्ल और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। अनन्या वाजपेयी भारतीय बौद्धिक इतिहास और राजनीतिक चिंतन पर चर्चा करेंगी।
मराठी नाटककार और उपन्यासकार मकरंद साठे, मलयालम लेखक पॉल ज़कारिया और भाषाविद् थांगजम हिदुस्तानी देवी भी फेस्टिवल में शामिल होंगे।
अक्षता मूर्ति, मिशाल हुसैन और ऋतु डालमिया भी सूची में
साहित्य के अलावा व्यवसाय, स्वास्थ्य, पत्रकारिता, खान-पान और व्यक्तिगत विकास से जुड़ी हस्तियों को भी वक्ताओं की सूची में जगह मिली है।
व्यवसाय और परोपकार के क्षेत्र में सक्रिय अक्षता मूर्ति, पत्रकार एवं प्रसारक मिशाल हुसैन, शेफ और रेस्तरां संचालक ऋतु डालमिया तथा हृदय-शल्य चिकित्सक डॉ. श्रीराम नेने भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
लेखिका और आत्म-विकास कोच रॉक्सी नफ़ूसी तथा कला-इतिहासकार विशाखा एन. देसाई भी अपने अनुभव और विचार साझा करेंगी। इस विविधता के जरिए फेस्टिवल साहित्य से आगे बढ़कर स्वास्थ्य, कला, सामाजिक बदलाव और आधुनिक जीवन से जुड़े विषयों पर चर्चा को प्रोत्साहित करेगा।
संजॉय के. रॉय ने क्या कहा?
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 20वां संस्करण उन आवाज़ों और विचारों का उत्सव है, जिन्होंने पिछले दो दशकों में इस मंच को आकार दिया है।
उन्होंने कहा कि साहित्य, इतिहास, विज्ञान, दर्शन, भू-राजनीति और कला से जुड़े विषयों के जरिए फेस्टिवल विभिन्न संस्कृतियों और महाद्वीपों के लोगों को संवाद के लिए एक साथ लाने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा। उनके अनुसार, आज दुनिया को ऐसे मंचों की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है, जहां विचारों का आदान-प्रदान हो और मान्यताओं को चुनौती देने वाले संवाद सामने आएं।
विलियम डैलरिंपल और नमिता गोखले ने भी साझा किए विचार
फेस्टिवल के सह-निदेशक, इतिहासकार और लेखक विलियम डैलरिंपल ने कहा कि पिछले दो दशकों में जयपुर में भारत और दुनिया भर के लेखकों, इतिहासकारों और चिंतकों का एक साथ आना इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने कहा कि 20वें संस्करण के साथ भी नई कहानियों, इतिहास की नई व्याख्याओं और विचारोत्तेजक बहसों की तलाश जारी रहेगी।
वहीं, फेस्टिवल की सह-संस्थापक और सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि 20वां संस्करण नए विचारों, बदलती तकनीकों और देखने के नए तरीकों के लिए खुला रहेगा। साथ ही, शास्त्रीय और कालजयी साहित्य से इसका जुड़ाव भी बना रहेगा। उन्होंने भारतीय बहुभाषी साहित्य पर विशेष जोर देने की बात कही।
14 से 18 जनवरी तक जयपुर में होगा आयोजन
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का ऐतिहासिक 20वां संस्करण 14 से 18 जनवरी 2027 तक होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में आयोजित होगा। वक्ताओं की दूसरी सूची जारी होने के साथ ही इस आयोजन को लेकर साहित्य और संस्कृति जगत में उत्सुकता बढ़ने की उम्मीद है।
साहित्य, इतिहास, विज्ञान, कला और समकालीन विचारों के संगम के रूप में पहचाना जाने वाला यह महोत्सव एक बार फिर देश-विदेश के लेखकों, पाठकों और विचारकों को साझा मंच प्रदान करेगा।