Edited By Ishika Jain, Updated: 10 Apr, 2026 06:25 PM

हनुमानगढ़ में घग्घर नदी क्षेत्र के विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। बजट में करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा के बाद अब इस परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)...
हनुमानगढ़ में घग्घर नदी क्षेत्र के विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। बजट में करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा के बाद अब इस परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस प्रोजेक्ट के तहत घग्घर बहाव क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। कंसल्टेंट एजेंसी नेपकोन की टीम लगातार मौके पर जाकर सर्वे कर रही है और स्थानीय ग्रामीणों से सुझाव ले रही है। हाल ही में गंगागढ़ क्षेत्र सहित कई गांवों में शिविर लगाकर लोगों की राय जानी गई।
अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों ने नाली बेड के सीमांकन, चौड़ाई बढ़ाने और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने यह भी सुझाव दिया कि बहाव क्षेत्र की सेंटर लाइन से दोनों ओर जमीन का स्पष्ट सीमांकन किया जाए। इसके साथ ही घग्घर के पानी का बेहतर उपयोग करते हुए पाइपलाइन के माध्यम से इसे बारानी इलाकों तक पहुंचाने की मांग भी सामने आई।
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में नदी के किनारों की पक्की लाइनिंग की जाएगी ताकि बहाव को नियंत्रित किया जा सके। दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा, जिसमें लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और बोटिंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
विशेषज्ञ एजेंसी इस बात का भी अध्ययन कर रही है कि जीडीसी लाइनिंग, पुल निर्माण और अन्य कार्यों का नदी के बहाव और आसपास के क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि इस परियोजना के जरिए नदी क्षेत्र को एक आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
घग्घर नदी में पानी का प्रवाह हिमाचल प्रदेश के शिवालिक क्षेत्र से शुरू होकर हरियाणा होते हुए राजस्थान में प्रवेश करता है। इसके बाद यह अनूपगढ़ के रास्ते आगे पाकिस्तान की ओर बढ़ता है।