Edited By Ishika Jain, Updated: 03 Jun, 2026 06:52 PM

हनुमानगढ़ में शिक्षा विभाग से जुड़े पंचायत शिक्षकों और स्कूल सहायकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। राजस्थान पंचायत शिक्षक स्कूल सहायक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में संविदा कर्मी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अतिरिक्त जिला...
हनुमानगढ़ में शिक्षा विभाग से जुड़े पंचायत शिक्षकों और स्कूल सहायकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। राजस्थान पंचायत शिक्षक स्कूल सहायक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में संविदा कर्मी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
महासंघ के जिलाध्यक्ष महावीर भादू ने बताया कि प्रदेशभर में हजारों पंचायत शिक्षक और स्कूल सहायक संविदा नियम-2022 के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी पूर्व में ग्राम पंचायत सहायक के रूप में कार्यरत थे, जिन्हें बाद में शिक्षा विभाग में पंचायत शिक्षक और स्कूल सहायक के पदों पर नियुक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में इन कर्मचारियों को अनुभव संबंधी पात्रता में दो वर्ष की छूट देने की घोषणा की थी। इसके लिए प्रशासनिक आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन नियमितीकरण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
महासंघ का दावा है कि प्रदेश में करीब 23 हजार से अधिक पंचायत शिक्षक और स्कूल सहायक लंबे समय से संविदा आधार पर कार्य कर रहे हैं। बजट घोषणा के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी नियमितीकरण के लिए आवश्यक अनुभव अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से वे असमंजस की स्थिति में हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संविदा नियम-2022 के प्रावधानों के अनुसार पात्र कर्मचारियों का जल्द नियमितीकरण किया जाए, ताकि उन्हें सेवा सुरक्षा और स्थायित्व मिल सके।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 10 जून से शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के बाहर प्रदेशव्यापी बेमियादी महापड़ाव शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।