भीलवाड़ा में महिला शक्ति का उग्र प्रदर्शन: महिला आरक्षण रोकने पर विपक्ष के पुतलों की शवयात्रा

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 26 Apr, 2026 02:27 PM

fierce protest by women s power in bhilwara

नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित न होने देने की राजनैतिक साजिश और विपक्षी दलों के महिला विरोधी चेहरे के खिलाफ भीलवाड़ा की सड़कों पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

​भीलवाड़ा। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित न होने देने की राजनैतिक साजिश और विपक्षी दलों के महिला विरोधी चेहरे के खिलाफ भीलवाड़ा की सड़कों पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सर्व महिला समाज के आह्वान पर आयोजित जन आक्रोश पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हुंकार भरी। आरक्षण बिल को अटकाने के विरोध में आयोजित इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में विभिन्न महिला संगठनों, क्लबों और समाजों की सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लेकर यह स्पष्ट कर दिया कि मातृशक्ति के भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवसर पर भाजपा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा, जन आक्रोश अभियान की दिल्ली एवं राजस्थान की संयोजक कोमल परिहार व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​विपक्षी नेताओं की शवयात्रा और जूतों की माला से जताया विरोध
आक्रोश का स्वरूप इतना तीव्र था कि महिलाओं ने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव के पुतलों की शवयात्रा निकाली। भोपाल क्लब चौराहे से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा में महिलाओं ने पुतलों को जूतों की माला पहनाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी इस शवयात्रा के दौरान महिलाएं हाथों में विपक्ष विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां थामे हुए थीं। वातावरण 'नारी शक्ति के सम्मान में, शहर की महिलाएं मैदान में' और "नारी शक्ति जिंदाबाद" जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा। महिलाओं की आंखों में अपने अधिकारों के हनन को लेकर गहरा रोष व्याप्त था।

मां दुर्गा के स्वरूप में किया पुतलों का संहार, कूड़ेदान में फेंके गए पुतले
पदयात्रा जब सूचना केंद्र स्थित बजरंगी चौराहे पहुंची, तो वहां प्रदर्शन के दौरान मां दुर्गा का रूप धारण किए महिला ने इन पुतलों का त्रिशूल से 'संहार' किया, जो नारी शक्ति के क्रोध का प्रतीक बना। आक्रोश की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब महिलाओं ने उन पुतलों को चौराहे पर रखे कूड़ेदान में डाल दिया। महिलाओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिला सम्मान और अधिकारों के प्रति सड़ी-गली मानसिकता रखने वाले नेताओं की सही जगह कूड़ेदान ही है।

​कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी के सम्मान और स्वाभिमान को कुचला - मधु शर्मा
इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि परिवारवाद में डूबी कांग्रेस ने 16 अप्रैल को लोकसभा में विधेयक गिराकर अपनी नारी विरोधी सोच को प्रमाणित कर दिया है। यदि यह बिल पास होता, तो 2029 में महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण की हकदार होतीं, लेकिन विपक्ष ने करोड़ों महिलाओं का भविष्य छीन लिया। उन्होंने संसद के भीतर विपक्ष द्वारा मनाए गए जश्न को शर्मनाक बताते हुए कहा कि देश की नारी शक्ति इस विश्वासघात का हिसाब 2029 के चुनावों में जरूर चुकता करेगी। जन आक्रोश अभियान की दिल्ली व राजस्थान की संयोजिका कोमल परिहार ने कहा कि नारी अपने अपमान का प्रतिशोध लेना बहुत अच्छे से जानती है और इसका अहसास विपक्षी दलों को बहुत जल्द हो जाएगा।

​महिलाएं समझ चुकी विपक्षी दलों का षडयंत्र - मेवाड़ा
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि भीलवाड़ा की सड़कों पर उमड़ा महिलाओं का सैलाब इस बात का सबूत है कि महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान पर चोट कभी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विपक्षी दलों का महिला आरक्षण को अटकाने का षडयंत्र महिलाएं समझ चुकी है, यही कारण है कि आज इतनी बड़ी संख्या में नारी शक्ति अपना आक्रोश व्यक्त करने एकत्र हुई है।

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष रेखा परिहार, अभियान जिला टोली से महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मंजू पालीवाल, कविता छीपा आदि बड़ी संख्या में महिला संगठनों की पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्रा परिषद की युवतियां और शहर की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित रही।
 

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