Edited By Ishika Jain, Updated: 23 Apr, 2026 05:55 PM

डूंगरपुर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ तकनीकी सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। वीबी जीरामजी (नरेगा) कार्मिक संघ के बैनर तले जेटीए गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना...
डूंगरपुर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ तकनीकी सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। वीबी जीरामजी (नरेगा) कार्मिक संघ के बैनर तले जेटीए गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग द्वारा जेटीए और जेईएन के बीच कार्य विभाजन से जुड़े आदेशों को स्थगित कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभाग एक तरफ जेटीए पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाल रहा है, जबकि दूसरी ओर उनसे कई कार्य वापस लिए जा रहे हैं।
जेटीए की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण भी शामिल है। इसके साथ ही वे नरेगा कार्यों में उपयोगिता और पूर्णता प्रमाण पत्र पर वित्तीय सीमा तक संयुक्त हस्ताक्षर का अधिकार देने की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि इस संबंध में बनी कमेटी का निर्णय उनके पक्ष में लागू किया जाए।
इसके अलावा लंबे समय से कार्यरत जेटीए को अनुभव के आधार पर वरिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर नियुक्त करने की भी मांग उठाई जा रही है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाने के कारण ही हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। आंदोलन के तहत हर दिन अलग-अलग ब्लॉकों के जेटीए धरने में शामिल होंगे। पहले दिन डूंगरपुर और झोथरी ब्लॉक के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।