Edited By Ishika Jain, Updated: 02 Apr, 2026 05:56 PM

राजस्थान के दौसा में सिलिकोसिस के फर्जी प्रमाण-पत्र घोटाले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक और सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई है।
राजस्थान के दौसा में सिलिकोसिस के फर्जी प्रमाण-पत्र घोटाले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक और सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई है।
डॉ. प्रेम कुमार मीना गिरफ्तार
पुलिस ने मंगलवार रात कार्रवाई करते हुए डॉ. प्रेम कुमार मीना (45) को गिरफ्तार किया। वे कनिष्ठ विशेषज्ञ (मेडिसिन) होने के साथ-साथ सिलिकोसिस बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पहले भी हो चुकी हैं तीन गिरफ्तारियां
इससे पहले 30 मार्च को पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा था—
- डॉ. मनोज ऊंचवाल
- डॉ. डीएन शर्मा
- रेडियोग्राफर मनोहर लाल यादव
इन सभी के खिलाफ 29 जनवरी 2024 को मामला दर्ज किया गया था।
413 फर्जी सर्टिफिकेट, 12.39 करोड़ का नुकसान
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मिलकर 413 फर्जी सिलिकोसिस प्रमाण-पत्र जारी किए, जिससे राज्य सरकार को करीब 12.39 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
दौसा में बने सबसे ज्यादा कार्ड
जांच अधिकारियों के अनुसार, नवंबर 2022 में सिलिकोसिस कार्ड ऑनलाइन बनने शुरू हुए थे। इसके बाद महज 10 महीनों में दौसा में 2453 कार्ड बनाए गए, जो पूरे प्रदेश के कुल कार्ड्स का लगभग 46% था। इस असामान्य आंकड़े के बाद ही जांच शुरू की गई।
जांच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
एसएमएस मेडिकल कॉलेज और जिला स्तर की कमेटियों की जांच में सामने आया कि कई लोगों को बिना बीमारी के ही प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए, जबकि असली मरीजों के आवेदन खारिज कर दिए गए।
एक ही एक्स-रे से तैयार किए जाते थे दस्तावेज
जांच में यह भी सामने आया कि रेडियोग्राफर द्वारा एक ही एक्स-रे का बार-बार इस्तेमाल कर अलग-अलग फाइलों में लगाया जाता था, जिससे फर्जी प्रमाण-पत्र बनाए जाते थे।
पूरे प्रदेश में फैला मामला
इस प्रकरण में करौली, चूरू, सीकर, भीलवाड़ा, चौमूं, अलवर और दौसा सहित कई जिलों के कुल 22 डॉक्टरों और रेडियोग्राफरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से 13 अकेले दौसा जिले से जुड़े हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।