Edited By Ishika Jain, Updated: 14 Jul, 2026 04:21 PM

चूरू के रतनगढ़ में राजस्थान शिक्षक संघ ने शिक्षकों के तबादले रद्द करने और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी दी।
राजस्थान शिक्षक संघ (एसटीएफआई) की रतनगढ़ उपशाखा ने शिक्षकों के हालिया स्थानांतरणों का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री के नाम मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को निरस्त करने और प्रदेश में पारदर्शी एवं स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है।
संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले किए जाने से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनका आरोप है कि इस निर्णय से कई स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।
ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चैथमल चीनिया ने कहा कि नामांकन अभियान के दौरान शिक्षकों का स्थानांतरण किए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में असंतुलन पैदा हो गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने सरकार से स्थानांतरण प्रक्रिया की समीक्षा कर व्यावहारिक और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने रतनगढ़ के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से ओबीसी सर्वे में कार्यरत प्रगणकों को कार्यालय समय में आवश्यक शिथिलता देने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया। इस पर एसडीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों और 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।