शेखावाटी की यमुना जल परियोजना को मिली रफ्तार, सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 तकनीकी पद मंजूर

Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Jul, 2026 03:02 PM

yamuna water project gains momentum in shekhawati

झुंझुनूं। शेखावाटी क्षेत्र की वर्षों पुरानी यमुना जल परियोजना को प्रदेश सरकार के एक बड़े प्रशासनिक फैसले के बाद नई गति मिलती दिखाई दे रही है। परियोजना के प्रभावी संचालन और क्रियान्वयन के लिए सरकार ने पांच नए कार्यालय स्थापित करने और 46 नए तकनीकी...

झुंझुनूं। शेखावाटी क्षेत्र की वर्षों पुरानी यमुना जल परियोजना को प्रदेश सरकार के एक बड़े प्रशासनिक फैसले के बाद नई गति मिलती दिखाई दे रही है। परियोजना के प्रभावी संचालन और क्रियान्वयन के लिए सरकार ने पांच नए कार्यालय स्थापित करने और 46 नए तकनीकी पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें से तीन महत्वपूर्ण कार्यालय सीकर में स्थापित किए जाएंगे, जो झुंझुनूं, सीकर और चूरू तक यमुना का पानी पहुंचाने से जुड़े कार्यों की निगरानी और संचालन करेंगे।

 

यह निर्णय शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जो लंबे समय से पेयजल संकट, गिरते भूजल स्तर और फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं। हाल ही में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने झुंझुनूं दौरे के दौरान संकेत दिए थे कि परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर-नवंबर 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में नए कार्यालयों और तकनीकी स्टाफ की स्वीकृति को परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

परियोजना पूरी होने के बाद झुंझुनूं जिले की लगभग 24 लाख आबादी को दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सीकर और चूरू के हजारों गांवों और कस्बों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा। पर्याप्त जल उपलब्ध होने से पशुपालन को भी मजबूती मिलेगी, जबकि किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत मिलने से कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावना है।

 

जल संसाधन विभाग के अनुसार सीकर में अतिरिक्त मुख्य अभियंता (यमुना जल संभाग), अधीक्षण अभियंता (यमुना जल वृत्त) तथा अधिशासी अभियंता (यमुना जल खंड-प्रथम) के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। वहीं हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दो नए अधिशासी अभियंताओं के कार्यालय खोले जाएंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से भूमि अधिग्रहण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, लागत निर्धारण, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की निगरानी तेज गति से की जा सकेगी।

 

सरकार ने परियोजना के लिए कुल 46 नए तकनीकी पदों को मंजूरी दी है, जिनमें अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। इसके अलावा आवश्यकतानुसार होमगार्ड की सेवाएं भी संविदा के आधार पर ली जाएंगी।

 

यदि निर्धारित समय-सीमा के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होकर परियोजना पूरी होती है, तो शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट से राहत मिलने के साथ भूजल पर निर्भरता कम होगी, कृषि और पशुपालन को नया संबल मिलेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा प्राप्त होगी।

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