Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Apr, 2026 06:49 PM

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले में आज (24 अप्रैल, शुक्रवार) एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन किया जा रहा है, जिसे प्रशासन आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित कर रहा है। इस अभ्यास के दौरान, एक सायरन बजाकर पूरे...
जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले में आज (24 अप्रैल, शुक्रवार) एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन किया जा रहा है, जिसे प्रशासन आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित कर रहा है। इस अभ्यास के दौरान, एक सायरन बजाकर पूरे क्षेत्र में बिजली कटौती की जाएगी और नागरिकों से यह अपील की जाएगी कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट से बचें और जिम्मेदार नागरिक के रूप में सक्रिय रूप से इस अभ्यास में भाग लें।
जैसलमेर की जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल प्रशासनिक व्यवस्था के परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे इस दौरान सायरन के बजने पर घबराएं नहीं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। इस अभ्यास में पुलिस, नागरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन, और रसद सेवाओं के साथ-साथ आम जनता की तत्परता और समन्वय की भी जांच की जाएगी।
इस अभ्यास के तहत, 5 मिनट का सायरन हवाई हमले या अन्य आपातकालीन स्थिति का संकेत देगा। सायरन बजते ही सभी नागरिकों को अपनी सभी बिजली, वाहन की लाइट्स, मोबाइल टॉर्च और अन्य प्रकाश व्यवस्था को बंद कर देना होगा। यह ब्लैकआउट लगभग 15 मिनट तक रहेगा, और तब तक कोई भी लाइट नहीं जलानी होगी जब तक कि 2 मिनट का "ऑल क्लियर" सायरन न बज जाए।
जोधपुर जिले में भी इसी प्रकार की मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन 25 अप्रैल को किया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और इस अभ्यास में सहयोग करें, क्योंकि यह किसी वास्तविक आपदा का संकेत नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने का एक मौका है।
यह मॉक ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नागरिकों का सक्रिय सहयोग इस अभ्यास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहेगा।