Edited By Payal Choudhary, Updated: 12 Apr, 2026 12:10 PM

राजस्थान के जैसलमेर में पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे तस्कर को 5 किलोमीटर तक पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 1 किलो 700 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया गया है।
राजस्थान के जैसलमेर में पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे तस्कर को 5 किलोमीटर तक पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 1 किलो 700 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया गया है।
यह पूरी घटना जिले के बाड़मेर रोड पर स्थित एक होटल कॉम्प्लेक्स के पास हुई, जहां पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए तस्कर को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
नाकाबंदी तोड़कर भागा आरोपी
शहर कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम जाखड़ के अनुसार, पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय अचानक कार की रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला।
आरोपी शहर की गलियों से होते हुए तेजी से बाड़मेर रोड की ओर निकल गया। पुलिस ने तुरंत सायरन बजाते हुए पीछा शुरू किया।
120 की रफ्तार से दौड़ी कार
भागते समय आरोपी ने अपनी कार को करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हाईवे पर दौड़ाया। इस दौरान उसने कई बार खतरनाक तरीके से वाहन चलाकर पुलिस से बचने की कोशिश की, जिससे सड़क पर हादसे का खतरा भी बढ़ गया।
5 किलोमीटर तक चला पीछा
करीब 5 किलोमीटर तक चले इस हाई-स्पीड चेज के बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर आरोपी को घेर लिया। बाड़मेर रोड स्थित होटल कॉम्प्लेक्स के पास पुलिस ने अपनी सरकारी गाड़ी को आरोपी की कार के आगे लगा दिया, जिससे उसे मजबूरन ब्रेक लगाने पड़े और वह पकड़ा गया।
तलाशी में मिला डोडा-पोस्त
पुलिस ने तुरंत कार की तलाशी ली, जिसमें छुपाकर रखा गया 1 किलो 700 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोपाल सिंह (25) पुत्र धनसिंह, निवासी ग्राम दव (जैसलमेर) के रूप में हुई है।
NDPS एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई कार और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है।
नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे मामले में तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है, इसलिए उससे पूछताछ कर सप्लाई चेन और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
निष्कर्ष
जैसलमेर पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हाई-स्पीड चेज के बावजूद आरोपी को पकड़ना पुलिस की रणनीति और सतर्कता का बड़ा उदाहरण है।