आमेर किले में हाथी सवारी के किराए में बड़ी कटौती!

Edited By Liza Chandel, Updated: 11 Jan, 2025 03:38 PM

big reduction in elephant ride fare in amer fort

अगर आप भी सर्दी की छुट्टियों में राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आप ही के लिए हैं. जयपुर के आमेर किले में अब आप कम पैसे देकर हाथी की सवारी कर सकेंगे. पुरातात्विक विभाग ने हाल ही में नई रेट लिस्ट जारी करते हुए महल में हाथी सवारी का...

राजस्थान घूमने का प्लान? आमेर किले में हाथी की सवारी हुई सस्ती!

अगर आप सर्दियों की छुट्टियों में राजस्थान घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। जयपुर के ऐतिहासिक आमेर किले में अब हाथी की सवारी सस्ते दामों में की जा सकती है। पुरातत्व विभाग ने नई दरें जारी करते हुए हाथी सवारी के किराए में 1000 रुपये तक की कटौती की है। अब आपको इस अनोखे अनुभव के लिए केवल 1500 रुपये चुकाने होंगे। पहले यह किराया 2500 रुपये था। नई दरें 10 जनवरी 2025 से लागू हो चुकी हैं।

पर्यटकों में खुशी, हाथी पालकों में नाराजगी
आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट के इस फैसले से देशी-विदेशी पर्यटकों में खुशी की लहर है। लेकिन किराए में कटौती से हाथी पालक नाराज हैं। 1 अक्टूबर 2024 को किराया 1100 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था, जिससे हाथी मालिकों को राहत मिली थी। हालांकि, बढ़ा हुआ किराया पर्यटकों की संख्या में गिरावट का कारण बना, जिसके चलते विभाग ने इसे घटाकर 1500 रुपये करने का फैसला किया।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला
नवंबर 2024 में हाथी पालकों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनका कहना था कि हाथी पालना बेहद खर्चीला है। एक हाथी को रोजाना पालने का खर्च 3500 से 4000 रुपये तक आता है। किराया बढ़ने से उन्हें आर्थिक राहत मिली थी, लेकिन नई दरें उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं।

किराए में हर साल 5% की बढ़ोतरी
हाथी पालकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पुरातत्व विभाग ने यह निर्णय लिया है कि हाथी सवारी के किराए में हर साल 5% की बढ़ोतरी होगी और हर 5 साल में इसकी समीक्षा की जाएगी। इससे हाथी पालकों को भी आर्थिक राहत मिलेगी और पर्यटकों की जेब पर अधिक भार नहीं पड़ेगा।

आमेर किले में हाथी की सवारी का अनुभव
आमेर किले में दो पर्यटक एक हाथी पर बैठकर करीब 1 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। यह सफर महल के मुख्य गेट से शुरू होता है, जहां हाथी पर्यटकों को बैठाकर किले का पूरा चक्कर लगाकर वापस गेट पर छोड़ देता है। हाथी की सवारी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है।

यादगार अनुभव के लिए तैयार हो जाएं!
तो अगर आप आमेर किले का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, तो हाथी की सवारी का आनंद लेना न भूलें। यह अनुभव न केवल आपको राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेगा बल्कि आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देगा।

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