हनुमान बेनीवाल–प्रशासन में बनी सहमति, किसान आंदोलन स्थगित: 2000 गाड़ियों के काफिले के साथ जयपुर कूच के बाद देर रात टूटा गतिरोध

Edited By Anil Jangid, Updated: 14 Jan, 2026 04:25 PM

hanuman beniwal and administration reach agreement farmers protest suspended

नागौर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल तथा जिला प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई है। इसके साथ ही किसानों से जुड़ी छह प्रमुख मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन बुधवार सुबह स्थगित कर दिया गया। बेनीवाल ने...

नागौर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल तथा जिला प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई है। इसके साथ ही किसानों से जुड़ी छह प्रमुख मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन बुधवार सुबह स्थगित कर दिया गया। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से मांगों पर लिखित सहमति दी गई है और तय समय सीमा में कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

 

जयपुर कूच से बढ़ा दबाव
मंगलवार शाम हनुमान बेनीवाल हजारों किसानों और समर्थकों के साथ लगभग 2000 गाड़ियों के काफिले में नागौर से जयपुर की ओर रवाना हुए थे। बजरी माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई, किसानों को लंबित मुआवजा, अवैध कब्जों और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई जैसी मांगों को लेकर यह कूच किया गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे रुक गया, जहां समर्थकों ने रात वहीं बिताई।

 

देर रात तक चली वार्ता
रात करीब 11:30 बजे अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और नागौर एसपी मृदुल कच्छावा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और हनुमान बेनीवाल के बीच देर रात डेढ़ बजे तक बातचीत चली, लेकिन उस समय सभी बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 5 बजे फिर से प्रशासनिक अधिकारी—नागौर कलेक्टर, एसपी और रियांबड़ी एसडीएम सूर्यकांत—बेनीवाल से मिलने पहुंचे, जहां लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी।

 

लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर लिखित में सहमति दी है। उन्होंने बताया कि बजरी माफिया के खिलाफ ड्रोन सर्वे और मैनुअल जांच के लिए एक दिन बाद ही टीमें गठित कर दी जाएंगी। अगले दो-तीन दिनों में सभी जरूरी कार्य पूरे करने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके बाद बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।

 

क्या थीं प्रमुख मांगें
बेनीवाल की प्रमुख मांगों में अवैध बजरी खनन पर सख्त कार्रवाई, बजरी माफियाओं पर भारी जुर्माना, ड्रोन सर्वे के जरिए निगरानी, मेड़ता एसडीएम, डेगाना डीएसपी और माइनिंग इंजीनियर सहित कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई शामिल थी। इसके अलावा मेड़ता और रियां क्षेत्र के किसानों को लंबित आपदा राहत व बीमा क्लेम का भुगतान, रेलवे द्वारा अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा और कथित तौर पर गलत तरीके से आवंटित 14 हजार बीघा गोचर भूमि के मामलों में कार्रवाई की मांग भी शामिल थी।

 

किसानों में राहत की उम्मीद
आंदोलन स्थगित होने के बाद किसानों और समर्थकों में राहत का माहौल है। हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बनी इस सहमति को किसानों के लिए बड़ी राहत और प्रशासनिक दबाव का परिणाम माना जा रहा है।

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