Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Feb, 2026 02:30 PM

कोटा। आगामी पंचायत चुनाव इस बार बड़े बदलाव के साथ आयोजित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद पंच और सरपंच दोनों पदों के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर पारंपरिक बैलेट पेपर से कराया जाएगा।
कोटा। आगामी पंचायत चुनाव इस बार बड़े बदलाव के साथ आयोजित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद पंच और सरपंच दोनों पदों के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर पारंपरिक बैलेट पेपर से कराया जाएगा। इस निर्णय को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यवस्थागत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इससे मतदान की गति और मतगणना की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार कुल 30 ग्राम पंचायतों में 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के लिए मतदान होगा। चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रगणकों की नियुक्ति कर दी गई है और मतदान केंद्रों का निर्धारण भी पूरा हो चुका है। मतदाता सूची के अद्यतन का कार्य अंतिम चरण में है।
ऐसा होगा इस बार का बैलेट पेपर
इस बार पंच पद के लिए मतपत्र गुलाबी रंग के कागज पर छापा जाएगा, जबकि सरपंच पद के लिए सफेद कागज का उपयोग किया जाएगा। मतपत्र की चौड़ाई 4 इंच निर्धारित की गई है। इसके ऊपरी भाग में काली सीमारेखा रहेगी। बाईं ओर क्रमांक और दाईं ओर संबंधित पंचायत वार्ड की निर्वाचन जानकारी अंकित होगी। सभी विवरण हिंदी भाषा में मुद्रित किए जाएंगे। प्रत्याशियों के नाम बाईं ओर तथा उनके चुनाव चिह्न दाईं ओर दर्शाए जाएंगे। साथ ही ‘नोटा’ विकल्प भी अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा।
क्या बदलेगा इस फैसले से
बैलेट पेपर के उपयोग से मतदान प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है। मतगणना पूरी तरह हाथ से की जाएगी, जिससे परिणाम आने में अधिक समय लग सकता है और नतीजे देर रात तक घोषित हो सकते हैं। यदि किसी प्रत्याशी द्वारा मतगणना पर आपत्ति दर्ज की जाती है, तो पुनर्गणना की स्थिति भी बन सकती है, जिससे विवाद और देरी की आशंका बढ़ेगी। चुनाव कर्मचारियों का कार्यभार भी बढ़ेगा।
प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार मतपत्र का स्वरूप बदलेगा। 9 तक प्रत्याशी होने पर एक स्तंभ, 10 से 18 होने पर दो स्तंभ और 18 से अधिक होने पर तीन या अधिक स्तंभ बनाए जाएंगे। स्पष्ट है कि इस बार पंचायत चुनाव कई मायनों में अलग और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।