Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Feb, 2026 02:40 PM

कोटा. कोटा सिटी पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़ व्यूह के तहत एक बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लगभग 8 किलो गांजा जब्त किया। यह नेटवर्क ओडिशा से...
कोटा. कोटा सिटी पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़ व्यूह के तहत एक बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लगभग 8 किलो गांजा जब्त किया। यह नेटवर्क ओडिशा से बसों और ट्रेनों के माध्यम से राजस्थान में सप्लाई करता था।
पुलिस ने बताया कि उज्जैन निवासी दीपक उर्फ दीपू को 5 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि दीपक अकेला नहीं है, बल्कि शहर में गांजा की पुड़िया बनाकर बेचने वाले तीन अन्य सप्लायर भी इस चेन सिस्टम से जुड़े हुए थे। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी हैं घोड़ा बस्ती निवासी बाबू गुर्जर, नयापुरा निवासी श्याम उदयवाल और नयापुरा निवासी सिकंदर, जिनके पास से क्रमश: डेढ़ किलो, डेढ़ किलो और 1 किलो गांजा बरामद हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक बीते लगभग एक साल से रोटेदा रोड स्थित किराए के मकान में रह रहा था। शुरू में वह मजदूरी करता और गांजा पीता था। धीरे-धीरे उसने खुद गांजा की पुड़िया बनाकर बेचने का काम शुरू कर दिया। शुरुआती दौर में रोजाना 5-10 पुड़िया बेचता था, जिससे सीधे कार्रवाई करना मुश्किल था। पुलिस ने करीब छह माह पहले से उसकी गतिविधियों पर निगरानी शुरू की और बड़ी खेप आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दीपक ने पूछताछ में बताया कि उसने पहले घोड़ा बस्ती निवासी बाबू से गांजा खरीदकर पीना शुरू किया। फिर वह छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेचने लगा। उसके बाद ओडिशा निवासी रतन से सीधे 10-15 किलो गांजा मंगवाने लगा, जो बस और ट्रेन से कोटा पहुंचता था। शहर में इसे दीपक, सिकंदर, श्याम और बाबू छोटे-छोटे तस्करों को सप्लाई करते थे। ये छोटे तस्कर फिर 200-500 ग्राम के पैकेटों में बांटकर शहर के विभिन्न इलाकों में बेचते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन उधारी प्रणाली पर होता था। दीपक ओडिशा से गांजा उधार मंगवाता और माल बिकने के बाद 5-10 दिन में शहर के सप्लायरों से पैसे वसूल कर ऑनलाइन माध्यम से ओडिशा में भेज देता था।
पुलिस ने चारों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और ओडिशा में बैठे मुख्य सप्लायर की तलाश शुरू कर दी। राजस्थान पत्रिका की खबरों और स्टिंग ऑपरेशनों के बाद पुलिस ने पूरे शहर में सक्रिय नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय गांजा तस्करों की कमर टूट गई है और अवैध नशे पर नकेल कसी गई है।