अब राजस्थान में भी पहुंचेगे समुद्री जहाज! इस जिले में बन रहा इनलैंड पोर्ट

Edited By Anil Jangid, Updated: 20 Nov, 2025 07:13 PM

rajasthan to get inland port in jalore

अब राजस्थान में समुद्री जहाज पहुंचने वाले हैं। यह बात सुनकर भले ही आपको अजीब लगा रहा होगा कि यहां तो समुद्र है ही नहीं, फिर जहाज कैसे पहुंच सकते हैं, लेकिन अब ऐसा ही होने जा रह है, जिसको लेकर सरकार की तरफ से कयावद तेज हो चुकी है और अब जल्द ही आपको...

जयपुर। अब राजस्थान में समुद्री जहाज पहुंचने वाले हैं। यह बात सुनकर भले ही आपको अजीब लगा रहा होगा कि यहां तो समुद्र है ही नहीं, फिर जहाज कैसे पहुंच सकते हैं, लेकिन अब ऐसा ही होने जा रह है, जिसको लेकर सरकार की तरफ से कयावद तेज हो चुकी है और अब जल्द ही आपको राजस्थान में समुद्री जहाज आते जाते नजर आएंगे।

 

दरअसल, अरब सागर से स्वेज नहर की तर्ज पर सांचौर के भवातड़ा क्षेत्र तक प्रस्तावित इनलैंड पोर्ट बनने जा रहा है। हालांकि यह प्रोजेक्ट आज से 6 साल पहले ही शुरू होना था परंतु रूक गया था। लेकिन अब प्रोजेक्ट कोस्ट में 80 फीसदी तक इजाफा हो चुका है। एजेंसी वॉपकोस की ओर से करीब 6 साल पूर्व तैयार की गई डीपीआर में प्रोजेक्ट 6 हजार 200 करोड़ रुपए आंका गया था। अब प्रोजेक्ट की कोस्ट 10 हजार करोड़ से अधिक की आंकी गई है।

 

इसमें सबसे खास बात ये है कि यह प्रोजेेक्ट करीब 9 साल पूर्व उस समय चर्चा में आया जब पश्चिमी राजस्थान के इस क्षेत्र में बंदरगाह बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इच्छा जाहिर की थी। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने इस कार्य के लिए रूट तय करने और प्रोजेक्ट एलाइनमेंट तय करने को वॉपकोस एजेंसी को प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का कार्य सौंपा था।

 

पोर्ट बनाने वाली एजेंसी ने इस प्रोजेक्ट पर धरातलीय सर्वे करवाकर रिपोर्ट जल संसाधन विभाग के जरिए राज्य सरकार को सौंपी, लेकिन उसके बाद से यह प्रोजेक्ट 6 साल से ठंडे बस्ते में ही था। अब इस प्रोजेक्ट को लेकर फिर से चर्चाएं जरुर चल रही है, लेकिन प्रोजेक्ट की कोस्ट काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। आपको बता दें समुद्री मार्ग के लिए जालौर भवातड़ा से 365 किमी लंबी 60 मीटर चौड़ी नहर बननी है। यह नहर कोरी क्रीक से कच्छ का रण होते हुए भवातड़ा पहुंचेगी।

 

यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट राजस्थान के गुजरात से सटे इस क्षेत्र में जल मार्ग से अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला है। इसी मंशा से केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को खासी अहमियत दी और उसके बाद जून 2016 में इस प्रोजेक्ट के लिए धरातल पर सर्वे का काम शुरू हुआ। वॉपकोस ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व डीपीआर बनाकर जल संसाधन विभाग को भी सुपुर्द कर दी थी। यह प्रोजेक्ट 6 हजार 200 करोड़ रुपए का आंका गया था। राज्य स्तरीय क्वेरी होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में ही था।

 

भवातड़ा पोर्ट के लिए इस क्षेत्र में 1.72 स्क्वायर किलोमीटर पोर्ट के लिए क्षेत्र चिह्नित किया था। जिसमें पहले स्तर पर 35 से 40 हैक्टेयर क्षेत्र का उपयोग बंदगाह के लिए किया जाना था और शेष क्षेत्र आरक्षित रखा जाना था। यह प्रोजेक्ट अहम है और इससे पूरे पश्चिमी राजस्थान को फायदा होना है। मुय रूप से जालोर समेत जोधपुर, पाली, बाड़मेर जिले को इससे फायदा होना है। इसके अलावा प्रोजेक्ट मैप के अनुसार भवातड़ा से 144 किमी दूरी से दिल्ली-मुंबई (वाया पिंडवाड़ा-आबूरोड) फ्रेट कोरिडोर भी गुजर रहा है। ऐसे में इन क्षेत्रों समेत भारत के अन्य राज्यों के लिए भी यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण साबित होगा।

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