राजस्थान विश्वविद्यालय में बवाल: छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई छात्र हिरासत में

Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Nov, 2025 04:07 PM

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राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा, और विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद छात्र नेता नीरज...

जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा, और विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद छात्र नेता नीरज खीचड़, शुभम रेवाड़ समेत कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। छात्र प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिनके अनुसार प्रशासन जानबूझकर छात्रों को रिवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की फीस वसूलने के लिए परेशान कर रहा है।

 

नोटों की माला पहनकर आए छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जानबूझकर छात्रों को गलत तरीके से अंक दे रहा है और कई छात्रों को सिर्फ एक नंबर से फेल कर दिया जाता है। इसका विरोध करने के लिए छात्रों ने एक अनूठा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नोटों की माला पहनकर विरोध जताया। छात्रों ने कहा कि वे ये नोटों की माला प्रशासन को दिखाने के लिए लाए हैं, ताकि प्रशासन को एहसास हो कि वे सिर्फ पैसा वसूलने के लिए छात्रों के भविष्य से खेल रहे हैं।

इसके अलावा, छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन कई छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट नहीं कर रहा, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र लंबे समय से इस मुद्दे पर विरोध कर रहे थे और मंगलवार रात को भी कुलगुरु कार्यालय के सामने बैठकर प्रदर्शन किया था।

 

पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और अभिभावकों के आरोप
बुधवार को जब छात्रों की संख्या बढ़ गई और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ घेराव करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान मौजूद अभिभावकों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुलिस ने बिना कोई भेदभाव किए, अंधाधुंध लाठीचार्ज किया। अभिभावकों का कहना था कि पुलिस ने यह नहीं देखा कि किसके सामने आ रही है और किससे वह मारपीट कर रही है।

विशेष रूप से छात्राओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि मौके पर पर्याप्त महिला पुलिसकर्मी नहीं थे, और पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट की। छात्राओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उन्हें अपमानित किया।

 

प्रशासन के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी
इस घटनाक्रम के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के खिलाफ छात्रों का विरोध और बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी लड़ाई तब तक जारी रखेंगे जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता। वे चाहते हैं कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उन पर किए जा रहे अन्याय को तुरंत रोका जाए।

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