Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 06:52 PM

जयपुर। विश्व भर के धर्मों की मूल आस्थाओं और आदर्शों का अन्वेषण करने वाला महोत्सव ‘वॉइसेज़ ऑफ फ़ेथ’ अपने दूसरे संस्करण के साथ 13 से 15 मार्च, 2026 तक लंदन के बार्बिकन सेंटर में पुनः आयोजित होगा। इन तिथियों की घोषणा चल रहे 19वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल...
जयपुर। विश्व भर के धर्मों की मूल आस्थाओं और आदर्शों का अन्वेषण करने वाला महोत्सव ‘वॉइसेज़ ऑफ फ़ेथ’ अपने दूसरे संस्करण के साथ 13 से 15 मार्च, 2026 तक लंदन के बार्बिकन सेंटर में पुनः आयोजित होगा। इन तिथियों की घोषणा चल रहे 19वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आज टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने की। इस अवसर पर यूएस, यूके और इज़राइल में भारत के पूर्व राजदूत और पुरस्कार विजेता लेखक और कॉलमनिस्ट, नवतेज सरना, और ऑक्सफ़ोर्ड सेंटर फ़ॉर हिंदू स्टडीज़ के संस्थापक निदेशक, शौनक ऋषि दास भी उपस्थित थे।
‘वॉइसेज़ ऑफ फ़ेथ’ की परिकल्पना और निर्माण टीमवर्क आर्ट्स द्वारा किया गया है और इसे द कामिनी एंड विंदी बंगा फ़ाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह मंच प्रमुख विद्वानों, लेखकों, चिंतकों और कलाकारों को एक साथ लाता है, जहां संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से आस्था, विश्वास, करुणा और विभिन्न धर्मों के बीच आपसी जुड़ाव पर चिंतन किया जाता है।
उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए फेस्टिवल के प्रवक्ताओं ने एक लगातार अधिक विभाजित होती दुनिया में आस्था पर सूक्ष्म और सार्थक संवाद की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने ‘वॉइसेज़ ऑफ़ फ़ेथ’ को सहानुभूति, करुणा और मानवीय जुड़ाव के एक सशक्त मंच के रूप में प्रस्तुत किया। महामारी के दौरान एक सफल डिजिटल शृंखला के रूप में आरंभ हुआ यह फेस्टिवल, सभी आस्थाओं की सार्वभौमिकता को रेखांकित करने की दिशा में एक अत्यंत आवश्यक पहल है।