Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jan, 2026 04:15 PM

जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए हालिया फेरबदल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 31...
जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए हालिया फेरबदल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 31 दिसंबर की मध्यरात्रि को आनन-फानन में किया गया यह निर्णय सरकार का एक और “तुगलकी फरमान” है, जो जनहित के खिलाफ है।
गहलोत ने कहा कि बायतु को बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी-धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल करना प्रशासनिक दृष्टि से बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से गुड़ामालानी क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय की दूरी कम होने के बजाय और बढ़ गई है, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ेगी। इसे उन्होंने जनता के साथ “घोर अन्याय” बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि यह फैसला प्रशासनिक सुविधा या जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया, बल्कि आगामी परिसीमन और राजनीतिक समीकरणों को साधने के उद्देश्य से किया गया है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नए जिले बनाते समय प्रशासन को जनता के नजदीक लाने की सोच के साथ निर्णय लिए थे, लेकिन मौजूदा सरकार जनभावनाओं को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार जिले और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं बदलने से आम नागरिकों में भ्रम और असंतोष पैदा हो रहा है। गहलोत ने मांग की कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और जनता की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दे। कांग्रेस ने इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे जनविरोधी करार दिया है।