Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Jan, 2026 03:45 PM

हनुमानगढ़। आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और पुलिसिंग में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से हनुमानगढ़ पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत अब रात्रिकालीन गश्त पर तैनात पुलिस अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जा...
हनुमानगढ़। आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और पुलिसिंग में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से हनुमानगढ़ पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत अब रात्रिकालीन गश्त पर तैनात पुलिस अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकें।
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत जिले के पांचों पुलिस सर्किलों में हर रात ड्यूटी पर रहने वाले अधिकारियों की पूरी सूची जारी की जाती है। सूची में अधिकारियों के नाम के साथ उनके कार्यशील मोबाइल नंबर भी शामिल होते हैं। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से सार्वजनिक की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल की शुरुआत मकर संक्रांति से की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के समय चोरी, झगड़ा, सड़क दुर्घटना, संदिग्ध गतिविधि, महिलाओं से संबंधित अपराध या किसी भी आपात स्थिति में आम नागरिकों को थाने के चक्कर न काटने पड़ें और वे सीधे ड्यूटी अधिकारी से संपर्क कर सकें।
पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल रिस्पॉन्स टाइम कम होगा, बल्कि गश्त पर तैनात अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। आमजन को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी शिकायत सीधे उस अधिकारी तक पहुंच रही है, जो मौके पर कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार है।
विशेष रूप से सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। ठंड के दिनों में बाजार और सड़कें जल्दी सुनसान हो जाती हैं, कोहरा बढ़ जाता है और चोरी व असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी अधिक रहती है। हाल के दिनों में जिले में ऐसी कुछ घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने यह निर्णय लिया।
हनुमानगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि रात के समय किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो वे बिना किसी झिझक के जारी किए गए नंबरों पर संपर्क करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन नंबरों का दुरुपयोग न किया जाए और केवल वास्तविक जरूरत के समय ही कॉल किया जाए।
यह पहल न केवल पुलिस और जनता के बीच विश्वास का पुल मजबूत करेगी, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।