Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Aug, 2026 03:37 PM
जयपुर। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय मंत्र...
जयपुर। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय मंत्र जप का भी बहुत महत्व होता है। 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जप करने से सभी तरह के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। शिव भगवान को यदि प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस बार सावन में 4 सोमवार होंगे। इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे। गुरुवार, 30 जुलाई से सावन महीना शुरू हो गया है। यह महीना 28 अगस्त तक रहेगा। इस बार सावन के चार सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को होंगे। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के अमांत पंचांग में सावन की तारीखें अलग रहेंगी। स्कंदपुराण के सेतु-माहात्म्य में श्रीराम के शिव पूजन का जिक्र है। इसमें देवी सीता ने रेत का शिवलिंग बनाया था। श्रीराम ने उसे स्थापित कर शिव-पार्वती की पूजा की और जल से अभिषेक किया था। उसी तरीके से घर और मंदिरों में शिव पूजन किया जा सकता है।
सावन माह में सोमवार के दिन का भी विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस महीने राशि के अनुसार विशेष उपाय करने शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। सावन के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है। इस महीने में भोलेशंकर की विशेष अराधना की जाती है। लोग भोले शंकर का रुद्राभिषेक कराते हैं। सावन मास भगवान शिव का सबसे पसंदीदा माह है और इस दौरान यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है इस महीने भगवान शिव की विधि-विधान के साथ पूजा होती है। सावन के पावन महीने में शिव के भक्त कावड़ लेकर आते हैं और उस कांवड़ में भरे गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करते हैं।
30 दिन का रहेगा सावन, 4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत होंगे
पंचांग के अनुसार इस साल सावन गुरुवार 30 जुलाई से शुरू होकर शुक्रवार 28 अगस्त तक रहेगा। इस तरह सावन महीना कुल 30 दिन का होगा। इस दौरान 3, 10, 17 और 24 अगस्त को चार सावन सोमवार रहेंगे। 4, 11, 18 और 25 अगस्त को मंगला गौरी व्रत होंगे। इनके अलावा कामिका एकादशी, सावन शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी और रक्षाबंधन भी इसी महीने आएंगे। सावन में दो ग्रहण रहेंगे। सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को और 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होगा। लेकिन दोनों ही भारत में नहीं दिखेंगे।
पहला सोमवार- 3 अगस्त 2026
इस वर्ष 3 अगस्त को पड़ने वाला पहला सावन सोमवार विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। यह दिन श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि में आएगा। इस दौरान उत्तरभाद्रपदा और रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही सुकर्मा योग और धृति योग का संयोग बनने से भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और जलाभिषेक का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा। मान्यता है कि इन शुभ योगों में की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
दूसरा सोमवार- 21 जुलाई 2025
सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई को इस दिन रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। जिससे गौरी योग में सावन का दूसरा सोमवार रहेगा। इस दिन कामिका एकादशी और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है इस दिन व्रत करने से भगवान शिव के साथ साथ भगवान विष्णु की कृपा मिलेगी और वृद्धि योग होने से सुख संपत्ति में वृद्धि होगी।
तीसरा सोमवार- 28 जुलाई 2025
सावन का तीसरा सोमवार 28 जुलाई को चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में संचार करेंगे और इस दिन सिंह राशि में चंद्रमा के होने से धन योग का बेहद शुभ संयोग रहेगा। इस दिन मंगल भी गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में भगवान शिव की उपासना से मंगल दोष और कालसर्प दोष प्रतिकूल प्रभाव में कमी आएगी। वृद्ध चतुर्थी का भी संयोग इस दिन रहने वाला है। इस दिन भगवान शिव और गणेशजी के आशीर्वाद से भक्तों की मनोकामना पूरी होंगी।
चौथा सोमवार- 4 अगस्त 2025
सावन का चौथा और आखिरी सोमवार 4 अगस्त को होगा और इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। इस दिन चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र से वृश्चिक राशि पर संचार करेंगे। साथ ही इस दिन ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग भी रहेगा।
मंगला गौरी व्रत तिथि
पहला मंगला गौरी व्रत - 4 अगस्त 2026
दूसरा मंगला गौरी व्रत – 11 अगस्त 2026
तीसरा मंगला गौरी व्रत – 18 अगस्त 2026
चौथा मंगला गौरी व्रत – 25 अगस्त 2026
सावन का महत्व
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है इस दिन जो भी पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। इसके फलस्वरूप महादेव ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वर दिया। मान्यता है कि जो भी सावन के सोमवार में भगवान भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करता है उसे मनचाहा वर या वधू प्राप्त होता है। इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और इसके अलावा राहु-केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है।
मां पार्वती को भी सावन अत्यंत प्रिय
भगवान शंकर को जिस तरह से सावन मास प्रिय है। ठीक उसी तरह से मां पार्वती को भी सावन का महीना अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन महीने में सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। वहीं सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रकने से मां पार्वती की कृपा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
सावन व्रत त्योहार
2 अगस्त: संकष्टी गणेश चतुर्थी
3 अगस्त: पहला सावन सोमवार
5 अगस्त: शीतला सप्तमी
6 अगस्त: मंगला गौरी व्रत
9 अगस्त: कामदा एकादशी
10 अगस्त: दूसरा सावन सोमवार
12 अगस्त: हरियाली अमावस्या
15 अगस्त: हरियाली तीज
17 अगस्त: नाग पंचमी
17 अगस्त: तीसरा सावन सोमवार
23 अगस्त: पुत्रदा एकादशी
24 अगस्त: चौथा सावन सोमवार
28 अगस्त: सावन पूर्णिमा व रक्षाबंधन