Edited By Anil Jangid, Updated: 29 Jul, 2026 05:45 PM
श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि अगस्त के महीने में ग्रहों का बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
जयपुर। ज्योतिष की दृष्टि से वर्ष 2026 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अब अगस्त का महीना ज्योतिष और ग्रहों की दृष्टि से बहुत ही खास रहने वाला है इस महीने में सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। वैदिक ज्योति शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी राशि बदलते हैं जिसके कारण हर एक माह में कोई न कोई ग्रह अपना राशि परिवर्तन करते हैं जिसे ज्योतिष में ग्रहों का गोचर कहते हैं। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि अगस्त के महीने में ग्रहों का बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1अगस्त को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। 2 अगस्त को मंगल मिथुन राशि में जाएंगे। बुध 5 अगस्त को कर्क राशि में, 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे और 22 अगस्त को बुध सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
अगस्त 2026 का महीना ग्रहों की स्थिति में होने वाले बड़े बदलावों के कारण काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलेंगे, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। ग्रहों के राजा सूर्य, बुद्धि और वाणी के कारक बुध, सुख-सुविधाओं के प्रतिनिधि शुक्र और साहस व ऊर्जा के प्रतीक मंगल अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे। वहीं, कई शुभ योगों का निर्माण भी होगा, जो व्यक्ति के करियर, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की विशेष भूमिका होती है। सभी ग्रह एक नियमित अंतराल पर अपनी राशि परिवर्तन करते हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन के अलावा सभी ग्रह की समय-समय पर चाल बदलती रहती है जिसका भी प्रभाव जातकों के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में आने वाला अगस्त का महीना काफी महत्वपूर्ण रहने वाला होगा। अगस्त में कई ग्रह अपनी राशि तो बदलेंगे ही साथ ही कुछ ग्रह की चाल में बदलाव भी देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह के परिवर्तन से जातकों के जीवन के साथ देश-दुनिया में भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है।
अगस्त में 4 ग्रहों का गोचर
1 अगस्त को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। 2 अगस्त को मंगल मिथुन राशि में जाएंगे। बुध 5 अगस्त को कर्क राशि में, 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे और 22 अगस्त को बुध सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके अलावा पूरे महीने शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। वहीं राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। चंद्रमा भी अपनी तेज गति के कारण समय-समय पर शुभ योगों का निर्माण करेंगे।
शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश
1 अगस्त को शुक्र ग्रह सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र ग्रह को भोग विलास, सुख-सुविधा, प्रेम, विलासिता जैसा कारकों के लिए जाना जाता है। ज्योतिष में कन्या राशि को शुक्र की नीच राशि माना जाता है, इसलिए इस अवधि में रिश्तों और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।
मंगल का मिथुन राशि में गोचर
2 अगस्त को मंगल मिथुन राशि में गोचर करेंगे। मंगल के इस परिवर्तन से साहस, ऊर्जा और कार्यक्षमता में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
बुध का कर्क राशि में गोचर
5 अगस्त को बुध कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यहां सूर्य और गुरु के साथ बुध की युति बनने से त्रिग्रही योग और बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा, जो कई लोगों के लिए शुभ परिणाम ला सकता है।
सूर्य का सिंह में गोचर
सूर्य हर माह अपनी राशि बदलते हैं, जिसको सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मान-सम्मान में वृद्धि होने के संकेत मिल सकते हैं।
बुध का सिंह राशि में प्रवेश
बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। यह सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं। बुध ग्रह शनिवार, 22 अगस्त 2026 को सिंह राशि में गोचर करने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से सिंह राशि में बुध का यह गोचर विशेष माना जाता है, क्योंकि सिंह राशि आत्मविश्वास, नेतृत्व, रचनात्मकता, रंगमंच, सम्मान, प्रतिष्ठा और प्रभावशाली व्यक्तित्व का प्रतीक है।
ग्रहों के गोचर का प्रभाव
व्यापार में तेजी आएगी। देश में कई जगह ज्यादा बारिश होगी। प्राकृतिक घटनाएं होगी। भूकंप आने की संभावना है। तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं। बस और रेलवे यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे। सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा।
क्या करें उपाय
हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें। प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए। माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।
अगस्त व्रत त्योहार
2 अगस्त: संकष्टी गणेश चतुर्थी
3 अगस्त: पहला सावन सोमवार
5 अगस्त: शीतला सप्तमी
6 अगस्त: मंगला गौरी व्रत
9 अगस्त: कामदा एकादशी
10 अगस्त: दूसरा सावन सोमवार
12 अगस्त: हरियाली अमावस्या
15 अगस्त: हरियाली तीज
17 अगस्त: नाग पंचमी
17 अगस्त: तीसरा सावन सोमवार
23 अगस्त: पुत्रदा एकादशी
24 अगस्त: चौथा सावन सोमवार
28 अगस्त: सावन पूर्णिमा व रक्षाबंधन
31अगस्त: कजली तीज ( सातुड़ी )