27 जुलाई से शुरू होगी शनि की उल्टी चाल, शनि देव 27 जुलाई को मीन राशि में होंगे वक्री

Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Jul, 2026 04:09 PM

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श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि वर्तमान में शनि मीन विराजमान हैं। इसी राशि में रहते हुए शनि 27 जुलाई 2026 को वक्री होने जा रहे हैं।

जयपुर। जुलाई महीने के आखिरी दिनों में न्याय और कर्मफलदाता शनि 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में रहते हुए वक्री हो रहे हैं। ज्योतिष में शनि जब वक्री होते हैं तो इसका विशेष महत्व होता है। शनि 27 जुलाई को वक्री होंगे फिर 11 दिसंबर को मार्गी होंगे। इस तरह से शनि 138 दिनों तक वक्री होंगे। यहां शनि के वक्री होने का मतलब उल्टी दिशा में चलना होता है। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि वर्तमान में शनि मीन विराजमान हैं। इसी राशि में रहते हुए शनि 27 जुलाई 2026 को वक्री होने जा रहे हैं। वह 11 दिसंबर 2026 तक यानी पूरे 138 दिनों तक उल्टी चाल में रहेंगे। यह एक लंबी अवधि है और इसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन पर ही नहीं, बल्कि देश, समाज और वैश्विक घटनाओं पर भी पड़ेगा। शनि के वक्री होने पर इसका प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। शनि ढाई वर्षों में एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। लेकिन शनि वक्री और मार्गी होते रहेंगे। शनिदेव को न्याय व कर्म का देवता माना गया है। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है शनिदेव उसे वैसा ही फल देता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह-नक्षत्रों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं।

 

शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री होंगे यानी शनि मीन राशि में ही उल्टी दिशा में चलने लगेंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे यानी सीधी चाल चलेंगे। इस तरह से शनि कुल 138 दिन वक्री अवस्था में रहेंगे। शनि देव अभी मीन राशि में हैं और 29 मार्च 2025 को उन्होंने अपनी स्वयं की राशि कुंभ से मीन राशि में प्रवेश किया था। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते फिर इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिष में शनि को न्याय और कर्मफल दाता माना गया है। शनि देव मौजूद समय में राशि मीन में विराजमान हैं। शनि देव 138 दिनों तक वक्री रहेंगे। शनि देव की वक्री चाल का सभी 12 राशियों पर प्रभाव अवश्य ही पड़ेगा। ऐसा माना जा रहा है कि शनि की यह उल्टी चाल राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्तर भी भी कई बदलाव लेकर आ सकती हैं। साथ ही यह अवधि कई लोगों के लिए सफलता, धैर्य और परीक्षा से भरी भी हो सकती हैं।

 

ज्योतिष शास्त्र में सबसे प्रभावशाली माने जाने वाले ग्रह शनि देव 27 जुलाई से वक्री होने जा रहे हैं, यानी इस दिन से शनि की उल्टी चाल शुरू होगी, जो लगभग 138 दिनों तक चलेगी। न्याय, धर्म और अध्यात्म के कारक शनि की इस बदली चाल का असर देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। वैदिक ज्योतिष में शनि को दायित्व कारक ग्रह माना गया है। वह एक शिक्षक हैं और लोगों को व्यवस्थित तरीके से रहना सिखाते हैं। इन विशेषताओं के आधार पर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। शनि व्यक्ति को अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करने की भी अनुमति देता है। यदि आप अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करते हैं, तो आपके कार्य सकारात्मक परिणाम लाएंगे, लेकिन यदि आप अपनी ऊर्जा का उपयोग गलत उद्देश्य या गलत दिशा में करते हैं, तो आपको नकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

 

138 दिन शनि रहेंगे वक्री
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री होंगे यानी शनि मीन राशि में ही उल्टी दिशा में चलने लगेंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे यानी सीधी चाल चलेंगे। इस तरह से शनि कुल 138 दिन वक्री अवस्था में रहेंगे। 

 

देश-दुनिया पर असर
इस बार शनि के वक्री होने का असर वैश्विक राजनीति, विदेश नीति और कूटनीतिक समझौतों पर दिखाई दे सकता है। देशों में सीमा सुरक्षा, आंतरिक विकास और संसाधनों को मजबूत करने पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है। भारत के लिए यह समय शोध और नई उपलब्धियों के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। इस दौरान अत्यधिक बारिश, भूस्खलन, भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं की संभावना भी बढ़ सकती है। अनाज की अच्छी पैदावार के साथ बाजार में उछाल आने के आसार हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रगति होगी। महत्वपूर्ण पद वालों को सुरक्षा और सेहत का खासतौर से ध्यान रखना होगा। देश-दुनिया में अनचाहे बदलाव और दुर्घटनाएं होती हैं। तनाव, अशांति और डर का माहौल भी बनता है। ज्यादातर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कई लोग मानसिक और शारीरिक तौर से तो परेशान रहेंगे ही साथ ही सेहत संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी। सरकार में मंत्रिमंडल में कई चौंकाने वाले नाम होंगे और समय थोड़ा कठिन रहेगा। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मोदी की यात्रा में थोड़ा बदलाव होगा। विदेशों में राजनीतिक उठापटक सत्ता परिवर्तन इत्यादि होने की संभावना। भारतीय बाजारों में अचानक तेजी आएगी और व्यापार बढ़ेगा। प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना।  देश और दुनिया में राजनीतिक बदलाव होंगे। सत्ता संगठन में परिवर्तन होगा। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा। अचानक मौसमी बदलाव भी हो सकते हैं। बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है। सेना की ताकत बढ़ेगी। देश की कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी। मनोरंजन फिल्म खेलकूद एवं गायन क्षेत्र से बुरी खबर मिलेगी। बड़े नेताओं का दुखद समाचार मिलने की संभावना। रोजगार और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में बदलाव संभव है। भावनात्मक रूप से कई बदलाव महसूस होंगे। रिश्तों में न्याय देखने को मिल सकता है। इसी के साथ मौसम में परिवर्तन और जनता से जुड़े मुद्दों पर बड़े फैसले भी चर्चा में रह सकते हैं।

 

वक्री शनि का प्रभाव
शनि के शुभ प्रभाव से लोगों के रुके हुए काम पूरे होंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े मामले सामने आएंगे। कुछ नौकरीपेशा लोगों के ट्रांसफर की स्थिति बन सकती है। प्रमोशन हो सकता है। कामकाज की जिम्मेदारी भी बढ़ने के योग हैं। बिजनेस करने वालों के भी काम करने की जगह पर बदलाव होगा। रहने की जगह भी बदल सकती है। वहीं, इसके अशुभ प्रभाव से कुछ लोगों को पैर में या हड्डी की चोट लग सकती है। ऑपरेशन की स्थिति भी बनेगी। साढ़ेसाती वालों को कर्जा लेना पड़ सकता है। कामकाज में बार-बार बदलाव की स्थितियां बनेंगी।

 

उपाय
शिव उपासना और हनुमत उपासना करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को सरसों के तेल का दीपक जलाएं, दर्शन का लाभ लें। मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें। गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु पक्षियों के लिए दाने,  हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें। तेल का दान भी करना चाहिए। तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है। शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए। इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं। लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है। रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार ॐ शं शनैश्चराय नमः का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और कष्ट दूर होंगे। काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं। सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

इन गलतियों को करने से बचें 
किसी असहाय को बेवजह परेशान नहीं करें। मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल नही करें। कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें। अनैतिक कार्यों से दूर रहें।

आइए ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा से जानते हैं शनि के वक्री का सभी 12 राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव-

मेष राशि
करियर की बात करें तो नौकरीपेशा लोगों के लिए शनि का वक्री होना अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान तमाम कठिनाइयों के बावजूद आप अपने काम में अच्छी सफलता हासिल करेंगे। 

वृषभ राशि
करियर में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। हम पारिवारिक वृद्धि में भी ऐसे ही परिणाम देखते हैं। वृषभ राशि वालों पर काम का भारी बोझ हो सकता है जिससे उनकी ऊर्जा और समय बर्बाद हो सकता है। 

मिथुन राशि
अपनी वर्तमान नौकरी में कुछ बेहतरीन अवसर गँवा सकते हैं। इस बात की भी संभावना है कि कार्यस्थल पर आपका सम्मान कम हो जाए और आपकी मेहनत की सराहना नहीं की जाएगी। 

कर्क राशि
आपका जीवन अचानक विकास के पथ पर अग्रसर हो जाता है। जैसा कि आप अपने करियर पर विचार कर रहे हैं, इस दौरान आप अपने कार्यस्थल पर अच्छे अवसरों से चूक सकते हैं। 

सिंह राशि 
पेशेवर माहौल में आपको काम के सिलसिले में अनावश्यक यात्रा करनी पड़ सकती है, जो आपको पसंद नहीं आएगी। सिंह राशि के जो लोग व्यापार करते हैं उन्हें व्यापार में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए आपको सावधान रहने की जरूरत है। 

कन्या राशि 
आपको अपने खर्चों को पूरा करने के लिए ऋण लेना पड़ सकता है।जो लोग अपना खुद का व्यवसाय करते हैं उन्हें व्यावसायिक प्रयासों की कमी के कारण प्रतिस्पर्धियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। 

तुला राशि
आपके आर्थिक जीवन में धन की कमी की समस्या हो सकती है और इसका कारण बजट का पालन न कर पाना है। अपने प्रेम जीवन में इन लोगों को भावनात्मक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है । 

वृश्चिक राशि
अपने परिवार पर ध्यान दें। इन लोगों को अपने जीवन में गिरावट महसूस हो सकती है। इसके अतिरिक्त, आपका आराम भी सीमित हो सकता है। आर्थिक जीवन में यात्रा के दौरान लापरवाही के कारण आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

धनु राशि
आपका अधिकांश समय यात्रा करने में भी व्यतीत होगा। इसलिए इन लोगों को अपनी तरक्की पर ध्यान देना चाहिए। आर्थिक तौर पर घरेलू कामकाज के कारण आपके ख़र्चे बढ़ सकते हैं।

मकर राशि 
आप अपना अधिकतर समय अपने परिवार के साथ बिताएंगे। इसके अलावा आप अपनी आर्थिक स्थिति पर भी काम कर रहे हैं। आपको को अपने शब्दों के चयन में बेहद सावधानी बरतने की ज़रूरत है। 

कुंभ राशि
अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। वहीं दूसरी ओर आपको अनावश्यक खर्च वाली अनावश्यक यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। अप्रत्याशित स्रोतों से धन की प्राप्ति होगी जिससे आपको लाभ होगा।
 
मीन राशि
इस समय आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने और सोच-समझकर खर्च करने की जरूरत है। मीन राशि में शनि के वक्री होने से आपको आर्थिक जीवन में लाभ और हानि दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

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