दिल्ली में मदन दिलावर का बड़ा ऐलान: मातृभाषा में शिक्षा, 1 लाख नए क्लासरूम और AI आधारित पढ़ाई पर जोर

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 03 Jul, 2026 07:35 PM

madan dilawar felicitated by migrant rajasthanis in delhi

दिल्ली में प्रवासी राजस्थानियों के अभिनंदन समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान सरकार मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, AI आधारित शिक्षण, 1 लाख नए कक्षों के निर्माण और ग्राम विकास को लेकर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने प्रवासी...

नई दिल्ली। राजस्थान के शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना और नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अपनी मातृभाषा एवं स्थानीय आंचलिक भाषा में  प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में राजस्थान सरकार तेजी से कार्य कर रही है। नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित अणुव्रत भवन में गुरुवार को सायं राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर और राजस्थान मित्र मंडल द्वारा अपने अभिनंदन के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए दिलावर ने बताया कि राज्य के सभी अंचलों की भाषाओं का एक शब्दकोश बनाने का काम पूरा कर लिया गया है । 

समारोह में शिक्षा मंत्री दिलावर का अंग वस्त्र पहना और स्मृति चिह्न भेंट कर भावभीना अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सीए डॉ राम अवतार किला, राजस्थान संस्था संघ के अध्यक्ष नवरतन अग्रवाल,राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ.गौरव गुप्ता, अणुव्रत न्यास के अध्यक्ष केसी जैन (सेवानिवृत्त आईआरएस ) सामाजिक नेता प्रकाश लखोटिया और शिक्षा मंत्री के विशेष सहायक जय नारायण मीना (आरएएस) सहित दिल्ली में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

प्रवासियों से प्रदेश के सर्वांगीण विकास में योगदान की अपील
समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रवासी राजस्थानियों से कहा कि आपकी कर्मभूमि चाहे दुनिया के किसी भी देश या शहर में हो, लेकिन जन्मभूमि का ऋण कभी भी पूरी तरह से नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने प्रवासियों का आह्वान किया कि वे अपनी मातृभूमि और देश के सबसे बड़े भौगोलिक प्रदेश राजस्थान को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण और ग्राम विकास के कार्यों में उदारतापूर्वक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को शिक्षा, स्वच्छता और समग्र विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान प्राप्त करे और प्रदेश का कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे। दिलावर ने प्रवासी राजस्थानियों से अपनी मातृभूमि की सेवा की परम्परा को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा है कि मारवाड़ी समाज अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ जन्मभूमि के प्रति गहरा लगाव रखता है और उनके खून में सेवा की भावना भरी हुई है। विश्व के लगभग हर हिस्से में बसे प्रवासी राजस्थानियों ने सेवा, परोपकार और समाजोत्थान की गौरवशाली परंपरा को आज भी जीवित रखा हुआ है। धर्मशालाओं, विद्यालयों, अस्पतालों तथा अनेक जनकल्याणकारी संस्थानों की स्थापना कर उन्होंने समाज सेवा में एक अद्वितीय एवं बेजोड़ मिसाल कायम की है। आज आवश्यकता है कि वे राजस्थान के शिक्षा, ग्राम विकास और पर्यावरण संरक्षण के अभियान में भी वे बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश चौथें स्थान पर पहुंचा
शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के लगभग 65 हजार सरकारी विद्यालयों में 72 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा विभाग के नवाचारों के कारण आज राजस्थान के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहे हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नीति आयोग के नवीनतम आकलन में शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। एक समय शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश पूरे देश में 14वें स्थान पर था, जबकि आज चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि शिक्षकों की निष्ठा, राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का परिणाम है। भारत सरकार ने भी राजस्थान के शिक्षा मॉडल की सराहना की है।उन्होंने कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल शिक्षण तकनीकी आदि का विस्तार किया जा रहा है।

जर्जर विद्यालय भवनों के लिए विशेष नीति
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण और नए कक्षों के निर्माण के लिए विशेष नीति बनाई है। प्रत्येक विद्यालय भवन पर उसके निर्माण वर्ष और उपयोग अवधि का अंकन किया जाएगा। प्रदेश के विद्यालयों में लगभग एक लाख नए कक्षों के निर्माण तथा विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की कि वे अपने गांवों को गोद लेकर विद्यालयों के निर्माण, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, डिजिटल कक्षाओं तथा छात्रावासों के विकास में सहयोग दें। उन्होंने कहा हमे आपसे कोई धन नहीं चाहिए। आप इस प्रकार के भवन बना सरकार को सुपुर्द करें। समाज के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

राज्य में शहरों की तर्ज पर ग्राम पंचायत मुख्यालयों से गांवों तक आधुनिक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था विकसित की जाएगी
पंचायती राज विभाग की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मंत्री दिलवार ने कहा कि राज्य में शहरों की तर्ज पर ग्राम पंचायत मुख्यालयों से गांवों तक आधुनिक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र भी रोशनी से जगमगाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। शौचालय निर्माण के साथ ही गाँवों में नियमित सफाई व्यवस्था और सफाई वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और इसकी शुरुआत ग्राम पंचायत मुख्यालयों से की जा रही है । हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान के गांव देश के सबसे स्वच्छ गांव बनें।उन्होंने जल संरक्षण, वन और पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी की कमी वाले राजस्थान में भूजल स्तर में सुधार और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। दिलावर ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष लक्ष्य से अधिक ग्यारह करोड़ पौधे लगाए गए थे। इस वर्ष भी दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

राजस्थान में विद्यालय प्रबंधन समितियों को गांवों में नशाबन्दी के लिए सक्रिय किया
दिलावर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्त भारत के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी अभियान बच्चों में अच्छे संस्कार डाल कर विकसित करने से संभव है। राजस्थान में विद्यालय प्रबंधन समितियों को गांवों में  नशाबन्दी के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है तथा तदसंबंधित सूचियाँ बनाने को कहा गया है ।

प्रारम्भ में राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष डॉ राम अवतार किला ने शिक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए नई दिल्ली के बीकानेर हाउस स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालय में पुनः राजस्थान फाउंडेशन का कार्यालय खुलवाने का आग्रह किया। साथ ही अनुरोध किया कि जब भी राजस्थान सरकार के मंत्री या अधिकारी दिल्ली आएँ, तो यहाँ रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों से उनकी भेंट के कार्यक्रमों को शामिल किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। डॉ.किला ने बताया कि हम एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर में दिल्ली और अन्य कुछ राज्यों की तर्ज पर  एक विश्राम सदन बनाने के लिए प्रयत्नशील है, ताकि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले रोगियों और उनके परिवार वालों को समुचित इलाज,दवाइयां, रहने और भोजन आदि  सुविधाएं मिल सके। भावराव देवरस सेवा न्यास के साथ मिलकर हम दिल्ली सहित अलग-अलग शहरों के विभिन्न अस्पतालों में  छह विश्राम सदन चला रहे हैं। अब तक अकेले दिल्ली में ही हम एक करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क भोजन आदि उपलब्ध करा चुके हैं ।

डॉ किला ने बताया कि राजस्थान से प्रतिदिन नई दिल्ली के एम्स और सफदरजंग जैसे अस्पतालों में इलाज के लिए सैकड़ों लोग आते हैं। अपने घर से दूर, नए शहर में, बड़े-बड़े अस्पतालों के बीच वे खुद को अकेला महसूस करते हैं। ऐसे में हम संजीवनी चिकित्सा सेवा के माध्यम से भी ऐसे लोगों की मदद कर रहें है।उन्होंने कहा कि हम सब प्रवासी राजस्थानी अपने काम, धंधों, पढ़ाई और जिम्मेदारियों की वजह से राजधानी क्षेत्र दिल्ली में रहते हैं, लेकिन दिल में आज भी अपना प्रदेश  राजस्थान ही बसता है। गांव की गलियां, अपने लोग, अपनी बोली, त्यौहार, राजस्थानी भोजन और अपनी मिट्टी की ख़ुशबू हम सबकी यादों में  हमेशा बना हुआ है। शायद यही वजह है कि जब दिल्ली में अपना कोई राजस्थानी मिल जाता है, तो यह महानगर  भी अपना-राजस्थान सा लगने लगता है। इसी भावना से हम हर वर्ष दिल्ली में भव्य राजस्थान दिवस का आयोजन करते है। यह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि पूरे राजस्थानी परिवारों के एक साथ मिलने का अवसर भी होता है। इस वर्ष 15 मार्च को आयोजित किए गए राजस्थान दिवस कार्यक्रम में लगभग 10 से 12 हजार राजस्थानी परिवार एक साथ शामिल हुए थे । जब एक ही जगह हजारों राजस्थानी एक साथ मिलते हैं, तो सच में लगता है कि दिल्ली में भी राजस्थान बसता है। इस अवसर पर अणुव्रत न्यास के अध्यक्ष के.सी. जैन और सामाजिक नेता प्रकाश लखोटिया ने भी विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम का संचालन कनिष्क यादव ने किया ।
 

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