Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jan, 2026 03:44 PM

बांसवाड़ा। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का सर्वाधिक लाभ वागड़ अंचल के जिलों में देखने को मिल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह पर दी जाने वाली सहायता राशि के मामलों में डूंगरपुर प्रदेश में पहले और बांसवाड़ा...
बांसवाड़ा। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का सर्वाधिक लाभ वागड़ अंचल के जिलों में देखने को मिल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह पर दी जाने वाली सहायता राशि के मामलों में डूंगरपुर प्रदेश में पहले और बांसवाड़ा दूसरे स्थान पर है। चालू वित्तीय वर्ष में इन दोनों जिलों से प्रदेश में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि कई अन्य जिलों में यह संख्या दहाई तक ही सीमित रही है।
आंकड़ों के अनुसार बांसवाड़ा जिले में कन्यादान योजना के लिए हर साल औसतन 100 नए आवेदन बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023-24 में जहां 1463 आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 1540 हो गई। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 जनवरी तक 1071 आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। योजना का क्रियान्वयन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है।
विभाग के उपनिदेशक नानूलाल रोत ने बताया कि योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार होने के कारण बांसवाड़ा जिले में आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों और पंचायत स्तर पर जानकारी पहुंचाने से पात्र परिवार आगे आ रहे हैं।
योजना के तहत सहायता राशि दो भागों में दी जाती है। पहली हाथलेवा राशि 21 हजार से 31 हजार रुपए तक होती है। इसके अतिरिक्त कन्या की शिक्षा के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसमें 10वीं पास कन्या को 10 हजार और स्नातक कन्या को 20 हजार रुपए अतिरिक्त मिलते हैं। इस तरह पात्रता के अनुसार कुल सहायता राशि 31 हजार से 51 हजार रुपए तक हो सकती है।
योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों, अन्य बीपीएल परिवारों, अंत्योदय, आस्था कार्डधारी, विधवा महिलाओं, विशेष योग्यजन, पालनहार योजना से जुड़ी कन्याओं और महिला खिलाड़ियों को दिया जाता है। सरकार की यह योजना बेटियों के विवाह में आर्थिक सहारा बनकर सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।