Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 02:51 PM

अलवर। अलवर जिले में बुधवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे, तेज हवाएं चलीं, बिजली कड़की और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से आमजन को जहां हल्की ठंड का अहसास हुआ, वहीं किसानों की चिंता...
अलवर। अलवर जिले में बुधवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे, तेज हवाएं चलीं, बिजली कड़की और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से आमजन को जहां हल्की ठंड का अहसास हुआ, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पिनान क्षेत्र में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल को लेकर किसान सतर्क नजर आए। वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और बारिश से बचाने के प्रयास में जुट गए।
इसी तरह बहरोड़ क्षेत्र में भी हल्की बरसात दर्ज की गई। यहां खेतों में रखी सरसों और अन्य फसलों के भीगने का खतरा बना हुआ है। सकट क्षेत्र में अलसुबह हुई बारिश से खेत-खलिहानों में काटकर रखी गई सरसों की फसल भीग गई, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दी।
तिजारा और हरसौली क्षेत्र में भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा। कई किसानों ने बताया कि इस समय जिले में सरसों की फसल कटाई के अंतिम चरण में है। ऐसे में बारिश फसल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि हो जाती है, तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल पर बारिश का असर सीधा पड़ता है, जिससे दाने काले पड़ सकते हैं या अंकुरित होने का खतरा रहता है। इससे बाजार में कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने किसानों को सतर्क कर दिया है। वे आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं और फसल को सुरक्षित रखने के हर संभव उपाय कर रहे हैं।