साउथ अफ्रीका में मजदूरी कर रहे अलवर के युवक की संदिग्ध हालात में मौत, शव लाने की उठी मांग

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 13 Feb, 2026 06:35 PM

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राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र स्थित धमरेड़ गांव के एक युवक की साउथ अफ्रीका में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवार को दी गई जानकारी के अनुसार युवक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों...

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र स्थित धमरेड़ गांव के एक युवक की साउथ अफ्रीका में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवार को दी गई जानकारी के अनुसार युवक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

15 अगस्त 2025 को गया था विदेश

धमरेड़ गांव निवासी गंगाराम योगी (37) पुत्र छोटेलाल 15 अगस्त 2025 को मजदूरी के लिए साउथ अफ्रीका गया था। परिजनों के मुताबिक वह वहां लुसाका में काम कर रहा था।

बुधवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के करीब आधे घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई।

नाश्ते के बाद बिगड़ी तबीयत, इंजेक्शन के बाद मौत

भतीजे विष्णु कुमार योगी ने बताया कि सुबह गंगाराम ने नाश्ता किया था। इसके बाद उसे सर्दी महसूस हुई और उसने दवा ली। आराम नहीं मिलने पर कमर में तेज दर्द शुरू हो गया।

अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। परिवार को बताया गया कि हार्ट अटैक के कारण उसकी जान गई।

गांव में मातम, कई घरों में नहीं जले चूल्हे

डीएनटी समाज के अलवर संयोजक पुखराज योगी ने बताया कि मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

शुक्रवार को समाज के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से मांग की कि गंगाराम का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। साथ ही शव लाने का खर्च सरकार वहन करे और परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।

ठेकेदार कंपनी के खर्च पर गया था विदेश

परिजनों के अनुसार गंगाराम को अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी ठेकेदार जीतू राजपूत कंपनी के खर्च पर विदेश लेकर गया था। वह हर महीने 30 से 35 हजार रुपए घर भेजता था, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से पैसे नहीं आए थे।

गंगाराम अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है। तीनों बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है और बुजुर्ग मां घर पर हैं। तीन भाई खेती-बाड़ी और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।

विदेश में कमाई कर परिवार का सहारा बने गंगाराम की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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