अजमेर की बुजुर्ग महिला को 8 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर लूटा

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 30 Jul, 2025 01:36 PM

robbed under the pretense of  digital arrest

जयपुर । साइबर ठगों ने अपनी शातिर चालों से अजमेर की 82 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे ₹80 लाख की भारी भरकम राशि ऐंठ ली। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुख्य खाताधारक को...

जयपुर । साइबर ठगों ने अपनी शातिर चालों से अजमेर की 82 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे ₹80 लाख की भारी भरकम राशि ऐंठ ली। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुख्य खाताधारक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बैंक खाते में ठगी की गई सारी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह सनसनीखेज घटना 23 नवंबर से 30 नवंबर, 2024 के बीच हुई। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए महिला से संपर्क साधा और खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताया। उन्होंने महिला को डिजिटल रूप से गिरफ्तार होने का झांसा दिया और कानून की कार्रवाई से बचने के नाम पर उनसे ₹80 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। 

प्रकरण अजमेर में दर्ज होने के बाद इसे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन राजस्थान, जयपुर को हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। साइबर थाने की विशेष टीम ने ठगी गई राशि के लेन-देन का गहन विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि ठगी की गई पूरी ₹80 लाख की राशि एक ही बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। यह खाता सोवन मंडल पुत्र संतोष (30) निवासी धूलिया हावड़ा पश्चिम बंगाल का था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोवन मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। उससे आगे की पूछताछ जारी है।

150 से अधिक खातों में पहुंची राशि, क्रिप्टो में बदल रहे थे पैसे 
जांच में खुलासा हुआ है कि सोवन मंडल के खाते से यह ₹80 लाख की राशि आगे 150 से अधिक अन्य खातों में ट्रांसफर की गई थी। सभी संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की जा रही है। विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि ठगी की गई रकम को विभिन्न खातों से होते हुए नकद निकासी के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा रहा था, जिससे पैसे को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

पहले भी 18 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी बरामदगी 
इस मामले में पहले भी 18 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों से ₹13 लाख नकद, 27 मोबाइल फोन, 43 डेबिट कार्ड, 19 पासबुक, विभिन्न बैंकों की 15 चेकबुक, 16 सिम कार्ड, 13 पैन कार्ड/आधार कार्ड, 1 लैपटॉप और 1 स्विफ्ट वीडीआई कार बरामद की गई है। एसपी सिंह ने बताया कि ये साइबर ठग ठगी की गई राशि से मिले कमीशन का उपयोग अपने महंगे शौक पूरे करने में करते थे। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार किए गए इन ठगों का देश भर में कई अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी हाथ हो सकता है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में जुटी है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से ऐसी ठगी से सावधान रहने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया है।

 

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