अजमेर में ऐतिहासिक पहल: बालिका सैनिक स्कूल का सपना हुआ साकार

Edited By Anil Jangid, Updated: 10 Feb, 2026 12:55 PM

a historic milestone for ajmer girls sainik school becomes reality

अजमेर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल का सपना अब साकार हुआ है। यह संस्थान बेटियों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व के संस्कारों से सशक्त करेगा।

अजमेर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल का सपना अब साकार हुआ है। यह संस्थान बेटियों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व के संस्कारों से सशक्त करेगा। विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से राजस्थान सरकार ने अजमेर के हाथीखेड़ा गाँव में बालिका सैनिक स्कूल के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। हाथीखेड़ा गाँव की 15 एकड़ भूमि पर यह स्कूल भवन बनेगा। साथ ही चार दीवारी, कार्यालय भवन, प्रशिक्षण रेंज, परेड मैदान सहित अन्य निर्माण और विकास कार्य भी होंगे।

 

विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर के लिए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल का सपना साकार होने से अजमेर अंचल की बालिकाओं को शिक्षा का बेहतर विकल्प और प्रेरणा मिलेगी और वे भी भारतीय सेनाओं के साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओ का अभिन्न अंग बन सकेगी। देवनानी ने कहा कि नारी शक्ति के उत्थान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा।

 

उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में संचालित सैनिक स्कूल एक आवासीय विद्यालय है जिनका मुख्य उद्देश्य देश के लिए अनुशासित, नेतृत्व क्षमता वाले और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत नागरिक तैयार करना है, विशेष रूप से ऐसे युवा जो आगे चलकर भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बन सकें। सैनिक स्कूलों का लक्ष्य छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) और अन्य रक्षा संस्थानों के लिए तैयार करना है।

 

इन विद्यालयों में छात्रों में कठोर अनुशासन, समयबद्धता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित की जाती है, जो सैन्य जीवन की बुनियाद है। साथ ही इनमें छात्रों में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत किया जाता है।

 

सैनिक स्कूल सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण,आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक एवं  प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा प्रदान करते हैं ताकि छात्र जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो सकें।विशेष रूप से ग्रामीण एवं  पिछड़े क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना भी सैनिक स्कूलों का अहम उद्देश्य है। सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और नैतिक शिक्षा,ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, साहस, त्याग और सेवा भाव जैसे मूल्यों का विकास करते हैं। साथ ही उन्हें शारीरिक और मानसिक मजबूती,नियमित शारीरिक प्रशिक्षण, खेलकूद, ड्रिल और साहसिक गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से दृढ़ बनाया जाता है।

 

विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी कहते हैं कि सैनिक स्कूल केवल सैनिक तैयार करने की संस्था नहीं हैं, बल्कि ये ऐसे नागरिक गढ़ते हैं जो अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के मूल्यों के साथ समाज और देश का नेतृत्व कर सकें।

—गोपेन्द्र नाथ भट्ट

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