Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jan, 2026 02:52 PM

टोंक। जिले में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिला है। जिला मुख्यालय सहित पूरे टोंक जिले में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ने की...
टोंक। जिले में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिला है। जिला मुख्यालय सहित पूरे टोंक जिले में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, विशेषकर गेहूं और सरसों की फसल पर।
जानकारी के अनुसार, बीते एक सप्ताह के बाद रात के समय ठंड में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते न्यूनतम तापमान में एक ही रात में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान घटकर लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय गलन बढ़ गई। ठंड बढ़ने के कारण लोगों को फिर से ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर, दिन के समय मौसम साफ रहने और धूप में तेजी आने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के आसार बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान करीब एक डिग्री सेल्सियस बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही धूप तेज होने का एहसास होने लगा है, जिससे दिन में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर कृषि फसलों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दिन के तापमान में इसी तरह तेजी बनी रही, तो सरसों की फसल पर मोयला रोग का खतरा बढ़ सकता है। मोयला रोग लगने से सरसों की उपज और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
इसके अलावा गेहूं की फसल के लिए मौजूदा समय में रात के समय ओस पड़ना बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि दानों का विकास ठीक से हो सके। यदि रात में तापमान में अधिक गिरावट या दिन में ज्यादा गर्मी रही, तो गेहूं की बढ़वार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों पर विशेष नजर रखें और किसी भी प्रकार के रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से तुरंत संपर्क करें। मौसम की इस अनिश्चितता ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है।