Tonk: पंचायत चुनाव की आहट, युवाओं में बढ़ी सक्रियता; मार्च में लगेगी आचार संहिता

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 05:20 PM

tonk panchayat elections near youth activism rises

टोंक। टोंक जिले में आगामी पंचायतराज और निकाय चुनाव की आहट के साथ ही युवाओं में राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। संभावना है कि मार्च के पहले सप्ताह में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे पहले ही युवा वर्ग पंचायत स्तर से लेकर जिला प्रमुख पदों तक अपनी...

टोंक। टोंक जिले में आगामी पंचायतराज और निकाय चुनाव की आहट के साथ ही युवाओं में राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। संभावना है कि मार्च के पहले सप्ताह में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे पहले ही युवा वर्ग पंचायत स्तर से लेकर जिला प्रमुख पदों तक अपनी दावेदारी जताने में जुट गया है।

 

चुनावी माहौल और युवाओं की भागीदारी
इस बार दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस युवाओं पर विशेष ध्यान देंगे। संगठन स्तर पर युवा नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है। दो बच्चों के प्रावधान को हटाए जाने की चर्चा भी युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे टिकट मांगने वाले नेताओं की संख्या में वृद्धि होगी।

 

वार्ड आरक्षण और तैयारी
अगले माह वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के वार्ड पहले ही तय हो चुके हैं। वार्डवार आरक्षण के बाद ही उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

 

सोशल मीडिया और स्थानीय सक्रियता
गांव-गांव में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। युवा सोशल मीडिया, जनसभाओं और स्थानीय मंचों के माध्यम से अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं। पंचायतराज में नेतृत्व की नई पीढ़ी और निकायों में युवाओं की भागीदारी संगठनात्मक ढांचे में नई सोच और कार्यशैली ला सकती है।

 

प्रशासनिक तैयारियां
चुनावी माहौल को देखते हुए प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। पंच व सरपंच के चुनाव बैलेट से होंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे।

 

नेताओं की राय
सऊद सईदी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस टोंक: “इस बार युवाओं को अधिक मौका दिया जाएगा। टिकट को लेकर मंथन भी किया जाएगा।”

चन्द्रवीरसिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा टोंक: “संगठन के कर्मठ कार्यकर्ताओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”

रामरतन सौंकरिया, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम टोंक: “चुनाव सैल का गठन कर अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी तय की गई है।” युवाओं की बढ़ती सक्रियता से अप्रैल में होने वाले पंचायतराज और निकाय चुनाव रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बनने की संभावना है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!