Edited By Payal Choudhary, Updated: 05 Jan, 2026 06:34 PM

सूरज ढल रहा था, चरागाह की ज़मीन पर सन्नाटा पसरा थाऔर तभी एक खबर ने पूरे इलाके की धड़कनें तेज़ कर दीं: “ज़मीन के नीचे गड़ा है धन!” यह रहस्यमयी घटनाक्रम राजस्थान के टोंक जिले के निवाई क्षेत्र की सुनसान चरागाह में सामने आया। देखते ही देखते लोग घरों से...
सूरज ढल रहा था, चरागाह की ज़मीन पर सन्नाटा पसरा थाऔर तभी एक खबर ने पूरे इलाके की धड़कनें तेज़ कर दीं: “ज़मीन के नीचे गड़ा है धन!” यह रहस्यमयी घटनाक्रम राजस्थान के टोंक जिले के निवाई क्षेत्र की सुनसान चरागाह में सामने आया। देखते ही देखते लोग घरों से निकल पड़ेकोई नंगे पांव दौड़ा, कोई बच्चों को कंधे पर उठाकर पहुंचाहर तरफ बस एक ही शोर था: धन… धन…
स्थानीय सूचना के मुताबिक चरागाह में किसी तरह का पूजन हुआ था और भीतर कुछ दबा होने की चर्चा फैल गई। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे, JCB से खुदाई शुरू हुई। करीब 20 फीट नीचे जाते ही जैसे ही पुराना मिट्टी का घड़ा (चरा) बाहर झांका, भीड़ बेकाबू हो गई। लोग धक्का-मुक्की करते हुए भीतर झांकने लगे; ग्रामीणों का दावा है कि घड़े में साबुन के आकार की सुनहरी-पीली ईंटें भरी थीं।
रहस्य तब और गहराया जब चरवाहों ने बताया कि खुदाई से पहले ज़मीन पर गुलाब की पंखुड़ियां, जली हुई अगरबत्ती और सिगरेट पड़ी थींमानो रात में किसी ने गुप्त पूजा या तंत्र-क्रिया की हो। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, घेरा बनाया और एक पुलिसकर्मी ने घड़े पर पैर रखकर उसे सुरक्षित किया ताकि कोई सामग्री न निकाल सके। इसके बाद घड़े को ट्रेजरी ऑफिस में रखवाया गया।
इसी बीच ग्रामीणों का यह भी दावा सामने आया कि अजीब लकीरों वाला एक पत्थर, जिस पर कुछ लिखा था, भीड़ में आए कुछ युवक उठा ले गए। प्रशासनिक स्तर पर प्रीति मीणा ने Archaeological Survey of India को पत्र लिखा है। ASI की टीम 1–2 दिन में मौके पर पहुंचकर जांच करेगी कि घड़ा किस धातु का है और उसके भीतर वास्तव में क्या था।
यह घटना एक सख़्त सच भी उजागर करती हैजब अफवाह, लालच और अंधविश्वास साथ मिलते हैं, तो कानून-व्यवस्था एक पल में डगमगा सकती है। अब फैसला विज्ञान और जांच करेगा कि यह इतिहास है, साधारण धातु है या सिर्फ भ्रम। मगर इतना तय है कि टोंक की इस चरागाह ने पूरे इलाके को हैरानी, डर और सवालों के बीच खड़ा कर दिया है।