Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 18 Mar, 2026 07:02 PM

राजस्थान के कृषि प्रधान श्रीगंगानगर जिले में इस बार सरसों की फसल बेहतर बताई जा रही है। उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता भी अच्छी होने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
मंडियों में सरसों की बंपर आवक शुरू
राजस्थान के कृषि प्रधान श्रीगंगानगर जिले में इस बार सरसों की फसल बेहतर बताई जा रही है। उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता भी अच्छी होने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
नई धानमंडी में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। सोमवार को मंडी में 6893 क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई। इससे मंडी में चहल-पहल बढ़ गई है और किसानों की आवाजाही भी तेज हो गई है।
MSP के आसपास मिल रहा भाव
मंडी में सरसों का औसत भाव 6227 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जो सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6200 रुपए प्रति क्विंटल के करीब है।
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न्यूनतम भाव: 5750 रुपए
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अधिकतम भाव: 6392 रुपए
सरकारी खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीयन जारी है और 25 मार्च से MSP पर खरीद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
ऑयल-नमी जांच मशीन खराब, किसानों को परेशानी
मंडी में सरसों की गुणवत्ता जांच के लिए स्थापित ऑयल और नमी जांच मशीन पिछले तीन-चार दिनों से खराब पड़ी है। इसके चलते किसानों और व्यापारियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, मंडी में सरसों के दाम तय करने के लिए ऑयल और नमी की मात्रा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मशीन खराब होने के कारण सही गुणवत्ता का आकलन नहीं हो पा रहा है, जिससे भाव तय करने में दिक्कत आ रही है।
27 लाख की लागत से लगी थी मशीन
श्रीगंगानगर और लालगढ़ की अनाज मंडियों में करीब 27 लाख रुपए की लागत से ऑयल और नमी जांच मशीनें स्थापित की गई थीं। इनका उद्देश्य किसानों को मंडी में ही नि:शुल्क जांच सुविधा देना था, ताकि उन्हें पारदर्शी तरीके से उचित मूल्य मिल सके।
लेकिन मशीन खराब होने से यह सुविधा फिलहाल बाधित हो गई है।
जल्द ठीक होगी मशीन: मंडी प्रशासन
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव एवं क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक महिपाल सिंह माली ने बताया कि मशीन की एएमसी करवा दी गई है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर को बुलाया गया है और मंगलवार तक मशीन को ठीक कर दिया जाएगा, जिससे जांच कार्य फिर से शुरू हो सकेगा।
किसानों को बेहतर दाम की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरसों की अच्छी गुणवत्ता के चलते किसानों को MSP से ऊपर दाम मिलने की संभावना है।
यदि समय पर जांच और खरीद प्रक्रिया सुचारू रहती है, तो किसानों को इस सीजन में अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है।