Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 10 May, 2026 04:04 PM

Sri Ganganagar में ज्वेलर्स और कांग्रेसी नेता से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
Sri Ganganagar में ज्वेलर्स और कांग्रेसी नेता से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
कोतवाली थाना पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मुंबई में फिल्म निर्देशक Rohit Shetty के घर के बाहर फायरिंग की साजिश में भी शामिल रह चुके हैं।
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच एजेंसियां गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही हैं।
व्यापारी की रेकी कर दी जा रही थीं धमकियां
एसपी Harishankar ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से शहर के एक ज्वेलर्स और कांग्रेस नेता को लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
आरोपियों ने:
- व्यापारी की गतिविधियों की रेकी की
- डराने-धमकाने की कोशिश की
- रंगदारी नहीं देने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी
आगरा से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित (22)
- दीपक उर्फ तुषार (25)
दोनों को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पहले भी कई मामलों में शामिल रहा आरोपी
पुलिस के मुताबिक प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित:
- पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है
- वर्ष 2025 में श्रीगंगानगर के अग्रसेन नगर फायरिंग केस में नाम आया था
- 2026 में अवैध हथियार के साथ भी गिरफ्तार हुआ था
एसपी ने बताया कि आरोपी गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के लिए लगातार काम कर रहा था।
रोहित शेट्टी फायरिंग केस से जुड़े तार
जांच में सामने आया कि फिल्म निर्देशक Rohit Shetty के मुंबई स्थित घर के बाहर फायरिंग की साजिश में भी यही गिरोह सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार:
- फायरिंग का ठेका आरजू बिश्नोई के जरिए दिया गया था
- गिरोह के तार विदेश में बैठे अपराधियों से भी जुड़े हैं
- आरोपी दीपक ने मुंबई में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था
इस मामले में मुंबई पुलिस पहले ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी।
पुलिस अब नेटवर्क खंगालने में जुटी
Rajasthan Police अब आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया और विदेशी नेटवर्क के जरिए लगातार सक्रिय था।