Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 14 Mar, 2026 07:28 PM

श्रीगंगानगर में गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं अलवर में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई जगहों पर पुलिस की...
एजेंसियों पर उमड़ी भीड़, सिलेंडर के लिए मची अफरा-तफरी
राजस्थान के श्रीगंगानगर और अलवर जिलों में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर संकट गहराता नजर आ रहा है। गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
श्रीगंगानगर में गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं अलवर में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में लोगों को लाइन में लगाकर सिलेंडर वितरण करना पड़ा।
फोन उठाना बंद, उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा इंतजार
श्रीगंगानगर शहर और आसपास के इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट, पीजी संचालक और आम उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। कई गैस एजेंसियों ने फोन उठाना तक बंद कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
गैस एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए लोग सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने डेढ़ महीने पहले सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई।
पुरानी आबादी क्षेत्र के एक होटल संचालक ने बताया कि मजबूरी में उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर करीब 800 रुपये अधिक कीमत देकर खरीदना पड़ा।
जिले में 48 गैस एजेंसियां, सवा पांच लाख उपभोक्ता
जानकारी के मुताबिक श्रीगंगानगर जिले में करीब 48 गैस एजेंसियां संचालित हैं और लगभग 5.25 लाख उपभोक्ता उनसे जुड़े हुए हैं।
सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन करीब 10,500 गैस सिलेंडरों की बुकिंग होती है। लेकिन मौजूदा हालात में केवल 4 से 5 हजार उपभोक्ताओं को ही सिलेंडर मिल पा रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।
सर्वर डाउन होने से प्रभावित हुई बुकिंग
बताया जा रहा है कि आईओसीएल (IOCL) और एचपीसीएल (HPCL) कंपनियों के सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
कई जगहों पर जब सिलेंडरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एजेंसियों पर पहुंचती हैं तो उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। कुछ ही देर में सभी सिलेंडर खत्म हो जाते हैं और कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है।
प्रशासन का दावा: गैस की कोई कमी नहीं
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है।
जिला रसद अधिकारी पूजा अग्रवाल के अनुसार, जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उपभोक्ताओं को नियमानुसार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बुकिंग कर गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के लिए जिला रसद कार्यालय श्रीगंगानगर द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम पर संपर्क करने की भी अपील की गई है।