Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 04:41 PM

सीकर। सीकर के अजीतगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरदासकाबास के निवासी और सेना में लांस नायक पद पर कार्यरत वीरेंद्र सिंह ने समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने बिना दहेज शादी कर न सिर्फ सामाजिक कुरीति का विरोध किया, बल्कि लड़की पक्ष द्वारा टीके...
सीकर। सीकर के अजीतगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरदासकाबास के निवासी और सेना में लांस नायक पद पर कार्यरत वीरेंद्र सिंह ने समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने बिना दहेज शादी कर न सिर्फ सामाजिक कुरीति का विरोध किया, बल्कि लड़की पक्ष द्वारा टीके में दिए गए 21,21,121 रुपए भी सम्मानपूर्वक लौटा दिए।
बिना दहेज की शादी और संदेश
वीरेंद्र सिंह की शादी शाहजहांपुर के गादली निवासी बिशन सिंह चौहान की पुत्री शिवानी के साथ संपन्न हुई। शादी में लड़की पक्ष द्वारा उन्हें 21,21,121 रुपए टीके में दिए गए थे, लेकिन वीरेंद्र सहित उनके ताऊ जगदीश सिंह और पिता भवानी सिंह ने स्पष्ट किया कि वे दहेज नहीं लेंगे। इसके बाद राशि लौटा दी गई।
ताऊ जगदीश सिंह ने बताया कि उनका परिवार शुरू से ही दहेज विरोधी रहा है और वे चाहते हैं कि सभी बहुओं के साथ बेटियों जैसा व्यवहार किया जाए।
क्षेत्र में सराहना
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे सभी समाजों से अपील करते हैं कि अपने बच्चों की शादी बिना दहेज के करें। उनका मानना है कि घर की बेटी लक्ष्मी होती है, और उसके सामने धन की कोई कीमत नहीं होती।
वीरेंद्र सिंह फिलहाल देश के बॉर्डर पर तैनात हैं और देश की रक्षा में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से उनके पूरे परिवार को गर्व महसूस हुआ और वे भविष्य में भी इसी परंपरा और संदेश के साथ समाज में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
उनके इस दहेज-विहीन विवाह को क्षेत्रभर में सराहा जा रहा है, और लोग इसे प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं।