Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Feb, 2026 03:14 PM

राजसमंद। राजस्थान के Rajsamand जिले में पानी की गंभीर समस्या को लेकर महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आमेट क्षेत्र के सेगणवास गांव की महिलाओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और “पानी नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। महिलाओं का...
राजसमंद। राजस्थान के Rajsamand जिले में पानी की गंभीर समस्या को लेकर महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आमेट क्षेत्र के सेगणवास गांव की महिलाओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और “पानी नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। महिलाओं का आरोप है कि पिछले करीब 60 वर्षों से गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है और लोग आज भी एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि गांव में पानी को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति बन जाती है। लोग पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करते हैं और कई बार आपस में झगड़े तक हो जाते हैं। उनका आरोप है कि जलदाय विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
महिलाओं ने बताया कि पानी की किल्लत का असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। गांव में जल संकट इतना गहरा है कि कई परिवार अपने बच्चों की शादी तक नहीं कर पा रहे हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि दूसरे गांवों के लोग यहां अपनी बेटियों की शादी करने से कतराते हैं, क्योंकि यहां बुनियादी सुविधा यानी पानी उपलब्ध नहीं है।
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन से स्थायी जल योजना लागू करने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उनका साफ कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनाव में वोट का बहिष्कार किया जाएगा।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन महिलाओं की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और सेगणवास गांव को कब तक जल संकट से राहत मिलती है।