Edited By Anil Jangid, Updated: 10 Feb, 2026 06:52 PM

राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम शहर से लापता सीआरपीएफ जवान का शव 45 दिन बाद मध्यप्रदेश के नीमच कैंट क्षेत्र से मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान भीम शहर के कुंहार मोहल्ला निवासी सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में हुई है। शव...
राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम शहर से लापता सीआरपीएफ जवान का शव 45 दिन बाद मध्यप्रदेश के नीमच कैंट क्षेत्र से मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान भीम शहर के कुंहार मोहल्ला निवासी सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार नंदकिशोर प्रजापति 27 दिसंबर को 50 दिन की छुट्टी स्वीकृत होने के बाद अपने कार्यस्थल से राजसमंद जिले के भीम शहर के लिए रवाना हुआ था। तय समय पर घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पहले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद संबंधित थानों को सूचना दी गई और सीआरपीएफ अधिकारियों से भी संपर्क किया गया।
लगातार 45 दिनों तक जवान का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे थे। इसी बीच रविवार शाम नीमच पुलिस को कैंट क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शिनाख्त के प्रयासों के बाद शव की पहचान सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिजन नीमच पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान की पुष्टि की।
जवान का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि नंदकिशोर पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में अचानक इस तरह उसकी मौत होना कई सवाल खड़े करता है। परिजनों ने आशंका जताई है कि जवान की हत्या की गई है और इस मामले में गहन जांच होनी चाहिए।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि जवान को न्याय मिल सके। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को भीम पहुंचने पर राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
वहीं, नीमच पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह जांच के अधीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर छुट्टी पर जा रहे सुरक्षा बल के जवानों की सुरक्षा और लापता मामलों की जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।