Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Apr, 2026 07:23 PM

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ जिले में मंगलवार को अचानक मौसम ने करवट बदल ली, जिससे इलाके में तबाही मच गई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम होते ही तेज हवाओं के साथ मूसलधार बारिश शुरू हो गई, जिसने लोगों को हैरान कर दिया।
प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ जिले में मंगलवार को अचानक मौसम ने करवट बदल ली, जिससे इलाके में तबाही मच गई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम होते ही तेज हवाओं के साथ मूसलधार बारिश शुरू हो गई, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट गईं और कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। सड़कों पर पानी बहने से आवागमन में भारी समस्या आई और कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि, शाम तक बारिश थमने के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट आई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।
अरनोद क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक तेज हवाओं और बारिश का दौर चला, जिससे लोगों को राहत मिली, लेकिन धूल और तेज हवाओं के कारण समस्याएं बढ़ गईं। लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जबकि बाजारों में दुकानदार अपना सामान बचाने में जुटे रहे। चूपना क्षेत्र में भी तेज आंधी और धूलभरी हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगह पेड़ उखड़कर गिर गए।
मूंगाणा और आसपास के गांवों में भी तेज आंधी और बारिश का सामना करना पड़ा। बाजारों की सड़कों पर दो फीट तक पानी बहने लगा। बेमौसम बारिश से किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है, खासकर गेहूं और चना की फसलों को नुकसान हो सकता है। फसलें खराब होने से किसानों को मुआवजे की उम्मीद है, क्योंकि पिछले साल भी फसल खराब होने पर उन्हें मुआवजा नहीं मिला था।
धरियावद क्षेत्र में भी तेज अंधड़ और हल्की बारिश का दौर चला, जिससे दुकानों के टीन शेड उड़ गए और पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गए। किसानों का कहना है कि यदि उनका खांखला भीग गया, तो मवेशियों के चारे की समस्या खड़ी हो सकती है। इस अचानक मौसम परिवर्तन ने इलाके में तबाही मचा दी, जिससे ग्रामीणों और किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।